भारत सरकार और राज्य सरकार के आय का एक बड़ा हिस्सा जीएसटी से प्राप्त होता है. जुलाई 2017 को लागू किया गये इस कर प्रणाली को 70 साल का यह सबसे बड़ा कर सुधार बताया गया है. 17 तरह के अलग-अलग करों को खत्म करते हुए यह कर व्यवस्था लागू की गयी है.
शुरू होने के बाद लगभग छह माह के दौरान कर संग्रह में सुधार के संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं. हरेक महीने का राजस्व संग्रह की समीक्षा करने के बाद यह पता चलता है कि सुधार एवं वृद्धि नहीं हुई है. यह संकेत देश के आर्थिक जगत के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है. जनता एवं उपभोक्ता की तकलीफों को देखते हुए कर की दर में कमी के कारण भी कर संग्रह में सुधार नहीं हो सका है. राजस्व संग्रह में कमी चिंता का विषय है.
राजस्व घाटे की भरपाई के लिए सरकार ने 50 हजार करोड़ का कर्ज लेने का फैसला किया है. उम्मीद है कि यह स्थिति अल्पकालिक रहेगी और आने वाले समय में राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और सकारात्मक एवं अच्छे परिणाम सामने आयेंगे, एेसा विश्वास है.
युगल किशोर, इमेल से
