अप्रैल फूल या भयानक भूल?

हम हर साल एक मई को मजदूर दिवस मनाते हैं. यह दिन प्रति वर्ष 30 अप्रैल के बाद ही आता है, लेकिन जाने क्यों इस बार यह एक दिन देर से आयेगा. यह आयेगा 31 अप्रैल के बाद. मेरे इस भ्रामक दावे पर अगर आप मुङो नासमझ समझ रहे हैं तो यह आपकी भूल होगी. […]

हम हर साल एक मई को मजदूर दिवस मनाते हैं. यह दिन प्रति वर्ष 30 अप्रैल के बाद ही आता है, लेकिन जाने क्यों इस बार यह एक दिन देर से आयेगा. यह आयेगा 31 अप्रैल के बाद. मेरे इस भ्रामक दावे पर अगर आप मुङो नासमझ समझ रहे हैं तो यह आपकी भूल होगी. न तो मैं नासमझ हूं और न ही पांचांग निर्माता. यूं तो हर साल अप्रैल का महीना 30 दिनों का ही होता है, लेकिन इस बार यह 31 दिनों का होगा.

दरअसल यह भ्रम झारखंड ग्रामीण बैंक के वर्ष 2014 के कैलेंडर के कारण उत्पन्न हुआ है. उक्त कैलेंडर के अप्रैल माह में 31वीं तिथि को शामिल किया गया है. यानी जिस दिन हम मजदूर दिवस मनायेंगे, उस दिन झारखंड ग्रामीण बैंक अप्रैल महीने की नयी तिथि होगी. एक सरकारी उपक्र म के मुद्रण में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो सकती है? अब हम इसे अप्रैल फूल कहें या भयानक भूल?

माणिक मुखर्जी, कांड्रा

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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