सत्ता-विपक्ष दोनों को सबक

गुजरात और हिमाचल चुनाव का ईमानदारीपूर्वक आकलन किया जाये, तो हिमाचल जहां स्वभाव के अनुरूप हर पांच साल पर सता परिवर्तन कर देता है, वहीं गुजरात की सियासी पिच इस बार सत्ताधारी दल के बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं थी. उसके बावजूद 99 का स्कोर मोदी के करिश्माई नेतृत्व और शाह के कुशल प्रबंधन का परिणाम […]

गुजरात और हिमाचल चुनाव का ईमानदारीपूर्वक आकलन किया जाये, तो हिमाचल जहां स्वभाव के अनुरूप हर पांच साल पर सता परिवर्तन कर देता है, वहीं गुजरात की सियासी पिच इस बार सत्ताधारी दल के बल्लेबाजी के अनुकूल नहीं थी.
उसके बावजूद 99 का स्कोर मोदी के करिश्माई नेतृत्व और शाह के कुशल प्रबंधन का परिणाम है. वहीं कांग्रेस का सीट बढ़ना भाजपा के लिए एक सबक भी है. साथ ही विपक्ष को भी खुश होने के बजाय आत्ममंथन की जरूरत है. वरना उसकी नकारात्मक भूमिका सत्ता पक्ष को उसकी कमजोरियों के बाद भी जीत दिलाती रहेगी .
ऋषिकेश, बरिगांवां, पलामू

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