दंगल गर्ल अभिनेत्री जायरा वसीम से दिल्ली- मुंबई विमान में उनके साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति ने छेड़छाड़ की. महिला चाहे वह अभिनेत्री हो, छात्रा हो, ऑफिस वर्कर हो या गृहिणी हो, उससे छेड़छाड़ करनेवाले बुरे तत्व हर जगह मौजूद हैं. उनसे निबटने के लिए धाकड़ बनने की ही जरूरत है. देश की महिलाएं धाकड़ बनेंगी, तभी समाज से बुरे तत्वों के हटने की शुरुआत होगी. बुरे तत्वों को खदेड़ना ही पड़ेगा. वे अपने आप समाज से कभी हटते नहीं.
समाज में उनके लिए कोई जगह नहीं है, यह संदेश उन तक जाना चाहिए. सिर्फ फिल्मों में ही धाकड़पन नहीं चाहिए, वास्तव जीवन में भी धाकड़पन दिखा कर अपनी रक्षा खुद ही करनी होगी और इसके लिए महिलाओं को हर समय तैयार रहना होगा. नारी को खुद की शक्ति को पहचानना होगा. उस शक्ति को जागृत करने के लिए डर पर जीत हासिल करने के लिए प्रयास होना आज की जरूरत है. डर को कुचलने कर ही धाकड़ बनने की ओर तेजी से बढ़ा जा सकता है.
मनीषा चंदराणा, इमेल.
