नई दिल्ली में BRICS Summit के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को लेकर BRICS देशों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि BRICS को संकट के बीच शांतिदूत की भूमिका निभानी चाहिए.
BRICS को बताया ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि चीन मध्य-पूर्व संकट के समाधान के लिए BRICS के दूसरे सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा. उन्होंने कहा कि युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है. शी ने BRICS को ग्लोबल साउथ का एक प्रमुख समूह बताते हुए कहा कि यह उभरते और विकासशील देशों के बीच आत्मनिर्भरता और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
BRICS में शामिल हैं 10 देश
BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. इन देशों की आबादी दुनिया की 40 फीसदी से अधिक है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनकी हिस्सेदारी करीब एक-चौथाई है.
Reuters के मुताबिक, शी जिनपिंग ने BRICS को उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया. उन्होंने नवाचार और विकास के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
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अगले साल चीन करेगा BRICS की अध्यक्षता
Reuters के अनुसार, चीन अगले साल BRICS की अध्यक्षता करेगा और 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. ऐसे में मध्य-पूर्व संकट पर शी का यह बयान चीन की आगामी BRICS अध्यक्षता के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
