महिला की वीरूगिरी, 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर किया भारी हंगामा, वजह जान रह जाएंगे दंग

Woman Veerugiri: फिल्म ‘शोले’ का वीरू (धर्मेंद्र) तो आपको याद होगा. जिसने अपनी प्रेमिका (हेमा मालिनी) के लिए पानी की टंकी पर चढ़ जाते हैं और अपनी बात मनवाते हैं. लेकिन रील लाइफ से अलग हट कर आपको रियल लाइफ की घटना बताने वाले हैं. जिसमें एक महिला ने वीरूगिरी दिखाई है. महिला उत्तर प्रदेश की है.

Woman Veerugiri: उत्तर प्रदेश के एटा में बागवाला थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव में एक महिला मजदूर ने फिल्म ‘शोले’ की तर्ज पर आत्महत्या का प्रयास करते हुए 100 फीट ऊंची निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़कर भारी हंगामा किया.

क्यों 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई महिला?

महिला अपने पति की मजदूरी का भुगतान न होने से नाराज थी. मजदूरी देने में ठेकेदार की बार-बार की आनाकानी से परेशान होकर मजदूर की पत्नी रेखा ने 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर जान देने की धमकी दी. हालांकि बाद में मजदूरी का भुगतान ठेकेदार द्वारा किये जाने के बाद मामला शांत हो गया. बागवाला थाने के प्रभारी ने बताया कि मजदूरी का बकाया भुगतान भी कर दिया गया है जिसके बाद महिला अपने घर लौट गयी.

ग्रामीणों ने महिला को समझाने की कोशिश की

महिला को 100 फीट उंची टंकी पर देख ग्रामीणों और प्रधान ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन रेखा नीचे कूदने पर आमादा थी. आक्रोशित महिला को काफी समझाने बुझाने के बाद प्रधान और ग्रामीणों ने ठेकेदार को मौके पर बुलाया. ठेकेदार ने महिला के पति रामरतन को उनकी बकाया मजदूरी 35 हजार रुपये का भुगतान किया. इसके बाद काफी समझाने-बुझाने पर रेखा नीचे उतरी.

पानी की टंकी पर मजदूरी करता था पति, कई महिनों से नहीं मिली थी मजूदरी

कुदनपुर गांव के एक मजदूर की पत्नी रेखा ने बताया कि उसके पति रामरतन मानिकपुर में बन रही पानी की टंकी पर मजदूरी करते हैं लेकिन ठेकेदार पिछले कई महीनों से मजदूरी का भुगतान नहीं कर रहा था. रेखा के अनुसार मजदूरी न मिलने के कारण उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है. रेखा ने कहा, “मजदूरी न मिलने के कारण हम लोग होली का त्योहार भी सही तरीके से नहीं मना सके, इसलिए मुझे यह कदम उठाना पड़ा.”

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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