MP का अगला मुख्यमंत्री कौन? शिवराज सिंह चौहान के अलावा इन नामों पर लग सकती है मुहर

मध्य प्रदेश में जिस तरह से बीजेपी ने धमाकेदार जीत दर्ज की है, उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आरंभ से ही दावा कर रहे थे कि राज्य में बीजेपी की प्रचंड जीत होगी. एक्जिट पोल के दावे भी गलत साबित हुए.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने धमाकेदार जीत दर्ज की है. प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में से बीजेपी ने 163 सीट पर जीत दर्ज की, तो कांग्रेस को केवल 66 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. भारत आदिवासी पार्टी के खाते में एक सीट गई है. बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद अब नये मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है. सीएम पद के लिए कई नाम आगे चल रहे हैं. लेकिन सबसे आगे शिवराज सिंह चौहान चल रहे हैं.

शिवराज जीत के नायक

मध्य प्रदेश में जिस तरह से बीजेपी ने धमाकेदार जीत दर्ज की है, उसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी. हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आरंभ से ही दावा कर रहे थे कि राज्य में बीजेपी की प्रचंड जीत होगी. एक्जिट पोल के दावे भी गलत साबित हुए. बहरहाल राज्य में बीजेपी की जीत का पूरा श्रेय शिवराज सिंह चौहान को दिया जा रहा है. हालांकि जब शिवराज से जीत पर पूछा गया, तो उन्होंने इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की रणनीति को दिया.

शिवराज मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की शानदार जीत के नायक बनकर उभरे हैं. वह सबसे लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुख्यमंत्री रहे हैं. चुनाव में सत्ता विरोधी लहर की आशंका को देखते हुए बीजेपी ने शिवराज को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाया, लेकिन धमाकेदार जीत के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद की दावेदारी से दरकिनार करना आसान नहीं होगा.

शिवराज मामा के नाम से लोकप्रिय, योजना के दम पर बने गेम चेंजर

शिवराज प्रदेश की जनता विशेष रूप से बच्चों में मामा के नाम से लोकप्रिय हैं, जबकि मुख्यमंत्री बनने से पहले अपनी लोकसभा सीट विदिशा में अमूमन पैदल चलने के कारण ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से जाने जाते हैं. शिवराज ने सत्ता विरोधी लहर को मात देने के लिए ‘लाडली बहना’ जैसी गेम-चेंजर योजना शुरू करके मध्यप्रदेश में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की. हालांकि, उनकी पार्टी ने पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश नहीं किया. 23 मार्च 2020 को मध्यप्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बने भाजपा नेता चौहान को एक सफल प्रशासक के साथ ही बेहद विनम्र और मिलनसार नेता के रूप में पहचाना जाता है. किसान परिवार में पैदा हुए चौहान ने सबसे लंबे समय पौने सत्रह साल तक लगातार मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रचा है. वह 29 नवंबर 2005 को पहली बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. उनके नेतृत्व में वर्ष 2008 एवं वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत से जीत मिली थी. वह इस बार छठवीं बार सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट जीते हैं. इसके अलावा, वह विदिशा लोकसभा सीट से वर्ष 1991 से वर्ष 2006 तक पांच बार लगातार सांसद भी रहे.

मुख्यमंत्री पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की भी चर्चा

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की रेस में शिवराज सिंह चौहान के अलावे कई और नाम आगे चले रहे हैं. शिवराज के बाद जो नाम सबसे आगे चल रहा है उसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हैं. सिंधिया का कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के पीछे भी मुख्यमंत्री पद ही रहा था. कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बीजेपी में शामिल हो गए. सिंधिया जब से बीजेपी में शामिल हुए हैं, दिन-रात मेहनत कर रहे हैं.

कैलाश विजयवर्गीय भी बन सकते हैं मुख्यमंत्री

कैलाश विजयवर्गीय को बीजेपी ने इंदौर- 1 से उम्मीदवार बनाया था. इस सीट पर उन्होंने धमाकेदार जीत दर्ज की और कुल 158123 वोट लाए. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 57939 वोट के अंतर से हराया. जब इंदौर – 1 से पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया, तो उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिससे साफ होता है कि उन्हें सीएम की कुर्सी कितनी पसंद है. उन्होंने कहा था कि मैं भोपाल में बैठकर इशारा करूंगा और आपका काम हो जाएगा. एक बार उन्होंने कहा था कि मैं केवल विधायक बनने नहीं आया, बल्कि पार्टी ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी सौंपने वाली है. जिम्मेदारी मिलेगी, तो काम भी बड़ा करूंगा.

नरेंद्र सिंह तोमर भी मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे चल रहा है. जब बीजेपी ने उन्हें दिमानी सीट से उम्मीदवार बनाया तो सभी चौंक गए. हालांकि उन्होंने पार्टी की उम्मीद को बरकरार रखा और 79137 वोट लाकर बड़ी जीत दर्ज की. मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में वीडी शर्मा का नाम भी आगे चल रहा है. फिलहाल शर्मा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हैं. हालांकि उन्हें चुनाव नहीं लड़ाया गया. लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत के बाद प्रदेश की राजनीति तेज हो गई.

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Published by: Arbindkumar mishra

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