Chhangur Baba: छांगुर बाबा कभी मांगता था भीख, देखते-देखते खड़ा कर लिया करोड़ों का काला साम्राज्य

Chhangur Baba: धर्मांतरण रैकेट का सरगना छांगुर बाबा के बारे में बताया जाता है कि वो कभी भीख मांगता था. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रेहरा माफी गांव का रहने वाला छांगुर बाबा देखते-देखते करोड़ों की संपत्ति बना ली. बाबा को धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है. अब उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो चुकी है.

Chhangur Baba: जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा 2010 से पहले साइकिल पर गली-गली घूमकर अंगूठी बेचा करता था और टोना-टोटका किया करता था. धीरे-धीरे वो झाड़-फूंक कर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता था और लोगों को अपनी जाल में फंसाता था. उसने अपने साम्राज्य को बढ़ाना शुरू किया और देखते-देखते करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक बन गया. बाबा को हाल ही में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते ने गिरफ्तार किया था. इसके अलावा नवीन उर्फ ​​जमालुद्दीन और महबूब (जो जलालुद्दीन का बेटा है) को 8 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था.

प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करता था छांगुर बाबा

पुलिस के बयान में कहा गया है, “गरीब, असहाय मजदूरों, कमजोर वर्गों और विधवा महिलाओं को प्रलोभन, आर्थिक मदद, शादी के वादे या धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया.”

विदेशी फंडिंग से करोड़ों की कमाई

छांगुर बाबा को धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग होती थी. उसने धर्मांतरण के लिए जाति आधारित रकम तय की थी. जांच में पाया गया कि छांगुर बाता और उसके अन्य सहयोगियों के 40 से अधिक बैंक खातों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की लेन-देन हुई है. उसे खाड़ी देशों से भी फंडिंग होती थी.

सरकारी जमीन पर कब्जा

अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडे ने बताया कि शिकायत मिली थी कि मध्यपुर गांव में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने सरकारी जमीन हड़प ली है और जांच में यह बात सच पाई गई. बाबा ने सरकारी जमीन पर आलीशान कोठी बनवाई थी. जिसमें करीब 20 कमरे थे. बाबा लग्जरी लाइफ जीता था. उसके पास लग्जरी गाड़ियां, शोरूम हैं. फिलहाल पुलिस ने उसके अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है.

5 जुलाई को एटीएस ने बाबा को उसके सहयोगियों के साथ किया था गिरफ्तार

शनिवार 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते ने छांगुर बाबा को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया था. छांगुर बाबा और सह-आरोपी नीतू उर्फ नसरीन बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था.

सीएम योगी ने कहा था बाबा की गतिविधियां न केवल असामाजिक हैं, बल्कि राष्ट्रविरोधी भी हैं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा था कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि जलालुद्दीन की गतिविधियाँ न केवल असामाजिक हैं, बल्कि राष्ट्रविरोधी भी हैं. लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एक पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए संगठित तरीके से काम किया और हिंदुओं तथा गैर मुस्लिम समुदायों के लोगों का इस्लाम में धर्मांतरण कराया.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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