WHO ने भारत को दिया दिवाली गिफ्ट, Covaxin को मिली मंजूरी, लेकिन गर्भवती स्त्रियों के मामले में पेंच फंसा

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी जो दस्तावेज प्राप्त हुए हैं वे गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए इस विषय पर विचार के लिए अलग से समिति बनायी जायेगी और फिर दस्तावेजों की जांच होगी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आज बुधवार को भारत के कोविड 19 के प्रसार को रोकने के लिए बने वैक्सीन कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मान्यता दे दी.

इससे पहले डब्ल्यूएचओ के तकनीकी परामर्शदाता समूह ने कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देने की सिफारिश की थी. हालांकि डब्ल्यूएचओ ने गर्भवती महिलाओं के लिए कोवैक्सीन के इस्तेमाल को अभी मंजूरी नहीं दी है.

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी जो दस्तावेज प्राप्त हुए हैं वे गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए इस विषय पर विचार के लिए अलग से समिति बनायी जायेगी और फिर दस्तावेजों की जांच होगी.


Also Read: भारत में 107 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाये जाने के बाद WHO ने दी Covaxin को मंजूरी, होंगे ये फायदे

कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिलने के बाद भारत बायोटेक की ओर से यह कहा गया है कि दुनिया भर के देशों में वितरण के लिए कोवैक्सीन की खरीद करना अब आसान हो जायेगा.

भारत में इसी वर्ष 15 जनवरी से वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई थी और देश में 107 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाया गया है जिसमें अधिक भागीदारी कोवैक्सीन की ही है, इसके अलावा कोविशील्ड वैक्सीन भी लगाया गया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जी20 शिखर सम्मेलन में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रस अधानम घेब्रेयेसस से मुलाकात की थी. कोवैक्सीन ने लक्षण वाले कोविड-19 रोग के खिलाफ 77.8 प्रतिशत प्रभाव दिखाया है और वायरस के नये डेल्टा स्वरूप के खिलाफ 65.2 प्रतिशत सुरक्षित है.

Posted By : Rajneesh Anand

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