छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है. इन्हीं में सबसे खास है माधेश्वर महादेव पहाड़, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है. विशाल शिवलिंग जैसी इसकी प्राकृतिक आकृति वर्षों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है. इस विशाल प्राकृतिक संरचना को दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है और इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दिया गया है.
पर्वत के नीचे है एक विशाल गुफा
जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर मयाली गांव में स्थित है माधेश्वर महादेव पहाड़. यह स्थल कटनी-गुमला नेशनल हाईवे और बतौली-चरईडांड़ स्टेट हाईवे के पास है. इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. इस विशाल पहाड़ की प्राकृतिक आकृति शिवलिंग जैसी दिखाई देती है, इसलिए स्थानीय लोग वर्षों से इसे भगवान शिव का स्वरूप मानकर पूजा करते हैं. पहाड़ के नीचे एक विशाल गुफा भी है, जिसकी गहराई आज तक नहीं मापी जा सकी है.मान्यता है कि इस गुफा में स्वयं भगवान महादेव का निवास है, इसलिए यह स्थान श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है.
शिवलिंग के सामने एक सुंदर जलाशय बढ़ाता है शोभा
विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग माने जाने वाले माधेश्वर महादेव के सामने एक सुंदर जलाशय भी है, जो इस स्थल की खूबसूरती को और बढ़ा देता है. लंबे समय से इसके सौंदर्यीकरण की मांग की जा रही थी, जिसे अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पूरा किया गया है. स्थानीय लोगों का मानना है कि माधेश्वर महादेव का समुचित विकास होने से जशपुर धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है. जिले में राजपुरी, रानीदाह, बेने, गुल्लू, कोतेबिरा, कैलाश गुफा और दरावघाघ जैसे कई दर्शनीय स्थल और जलप्रपात मौजूद हैं, जिनसे पर्यटन उद्योग को नई पहचान मिल सकती है.
