सीडीएस बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चीन का है हाथ? सोशल मीडिया पर ताइवान हादसे से जोड़कर हो रही चर्चा

अंतरराष्ट्रीय मामलों और जियो पॉलिटिक्स के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने अपने ट्वीट में कहा है, 'जब 20 महीने से भारत-चीन की सीमा पर युद्ध जैसे हालात हैं, ऐसे समय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्यकर्मियों की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत होना बेहद दुखद है.'

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 10, 2021 1:19 PM

नई दिल्ली : भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे पड़ोसी देश चीन का हाथ है? सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा जोरशोर से की जा रही है. माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स ट्विटर पर अंतरराष्ट्रीय मामलों और जियो पॉलिटिक्स के जानकार ब्रह्मा चेलानी का एक ट्वीट पर जोरदार चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने ताइवान में हुए हेलीकॉप्टर हादसे का जिक्र करते हुए सीडीएस बिपिन रावत की दुर्घटना की तुलना की है. साल 2020 की शुरुआत में ही ताइवान के हेलीकॉप्टर हादसे में भी वहां के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की मौत हो गई थी. ब्रह्मा चेलानी की इस तुलना के बाद चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कड़ी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, सीडीएस बिपिन रावत की तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत को लेकर अंतरराष्ट्रीय मामलों और जियो पॉलिटिक्स के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘जब 20 महीने से भारत-चीन की सीमा पर युद्ध जैसे हालात हैं, ऐसे समय में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्यकर्मियों की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत होना बेहद दुखद है. यह बेहद खराब वक्त में हुआ है.’

ताइवान के सीडीएस की भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हो गई थी मौत

ब्रह्मा चेलानी ने अपने ट्वीट में आगे कहा है कि जनरल बिपिन रावत और ताइवान के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ शी यी मिंग की मौत में बहुत हद तक समानता है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि 2020 की शुरुआत में ही ताइवान के तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ शी यी मिंग और दो जनरल समेत सात सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी. उन्होंने लिखा कि हर हेलीकॉप्टर दुर्घटना ने चीन के खिलाफ आक्रामकता दिखाने वाले को खत्म कर दिया.


सैन्य हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस को लेकर देश में उठे हैं सवाल

हालांकि, ब्रह्मा चेलानी ने दूसरे ट्वीट में इस बात का भी जिक्र किया है कि इन दोनों हेलीकॉप्टर हादसों की समानता का अर्थ यह नहीं है कि इन दोनों हादसों में कोई कनेक्शन है या इसके पीछे किसी बाहरी ताकत का हाथ है. हर दुर्घटना ने देश के अंदर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं. खासकर सेना के जनरलों को ले जाने वाले सैन्य हेलीकॉप्टरों के मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठाए गए हैं.


ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिका पर लगाया आरोप

ब्रह्मा चेलानी के इन ट्वीट्स पर चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उसने लिखा है, ‘ऐसे तो इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अमेरिका की भी भूमिका हो सकती है.’ उसने आगे लिखा है कि भारत और रूस एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली सौदे को लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जिस पर अमेरिका ने कड़ा ऐतराज जाहिर किया है.

चेलानी ने ग्लोबल टाइम्स को दिया करारा जवाब

ग्लोबल टाइम्स की इस प्रतिक्रिया पर ब्रह्मा चेलानी ने भी करारा जवाब दिया है. उन्होंने लिखा, ‘चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का मुखपत्र मेरे कई ट्वीट्स में से एक का दुरुपयोग कर रहा है. इसमें ग्लोबल टाइम्स ने अमेरिका पर हेलीकॉप्टर दुर्घटना का आरोप लगाया है, जिसमें बिपिन रावत की मौत हुई है. क्योंकि, भारत रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद रहा है’ उन्होंने अपने जवाब में आगे लिखा कि यह ट्वीट दुखद रूप से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की भ्रष्ट मानसिकता को दर्शाता है.

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चेलानी ने चीन पर लगाए ताइवान के ताइपे के साथ संबंध तोड़ने का आरोप

ब्रह्मा चेलानी ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि ताइवान पर कब्जा करने की अपनी रणनीति के तहत चीन पहले ताइपे के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने के लिए देशों को रिश्वत देकर ताइवान की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिटाने के लिए काम कर रहा है. बीजिंग की नवीनतम सफलता निकारागुआ है, जो कहता है कि वह ताइवान से चीन में राजनयिक मान्यता को बदल रहा है.

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