ये कैसा इश्क है? मोहब्बत की दुकान वाले बयान पर स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की खिंचाई की

स्मृति ईरानी ने कहा, हमारे नौ वर्षों के कार्यकाल में हमारे मंत्रालय ने, निर्भया फंड के अंतर्गत राज्य सरकारों और भारत सरकार के अन्य प्रकल्पों के साथ 12 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं को संचालित किया है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मोहब्बत की दुकान वाले बयान पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसा है. उन्होंने कहा, जब आप ‘मोहब्बत’ की बात करते हैं, तो क्या इसमें सिखों की हत्या शामिल है? जब आप ‘मोहब्बत’ की बात करते हैं, तो क्या इसमें राजस्थान में महिलाओं का अपहरण शामिल है? जब आप ‘मोहब्बत’ की बात करते हैं, तो क्या यह इसमें हिंदू जीवन शैली की निंदा करना शामिल है? जब आप ‘मोहब्बत’ की बात करते हैं, तो क्या वह ‘मोहब्बत’ आपको बाहर जाने के लिए मजबूर करती है. ये कैसा इश्क है जो देश से नहीं अपनी राजनीतिक सियासत से है?

‘सत्ता की भूख’ में कांग्रेस देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर चोट करने को आमादा: ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर भारतीय लोकतंत्र को चोट पहुंचाने के लिए ‘बाहरी ताकतों’ के इस्तेमाल का आरोप लगाया और दावा किया लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही इस प्रकार की गतिविधियों का बढ़ना इस बात का संकेत है कि ‘सत्ता की भूख’ में वह देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर चोट करने को आमादा है.

मोदी सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखकर लाती है योजना : ईरानी

भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर राहुल द्वारा उठाए गए मुद्दे से जुड़े एक सवाल पर ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की प्राथमिकता में हर वर्ग है और उसने सभी वर्गों व समुदायों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं व कार्यक्रमों में वित्तीय आवंटन सुनिश्चित किया है. उन्होंने सवाल किया कि जो अपने आप को मुस्लिम समुदाय का संरक्षक बताता है उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनकी सरकार में अल्पसंख्यकों के कल्याण पर कितना खर्च किया गया.

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कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए एक भी परियोजना क्रियान्वित नहीं की

महिलाओं की सुरक्षा के बारे में उन्होंने कहा कि खुद को घोषणाओं तक सीमित रखने वाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए एक भी परियोजना क्रियान्वित नहीं की. उन्होंने कहा, आज हमारे नौ वर्षों के कार्यकाल में हमारे मंत्रालय ने, निर्भया फंड के अंतर्गत राज्य सरकारों और भारत सरकार के अन्य प्रकल्पों के साथ 12 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं को संचालित किया है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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