Weather Today : हिमाचल प्रदेश में भयंकर बर्फबारी, शिमला-मनाली में व्हाइट क्रिसमस, 4 की मौत

Weather Today : 25 दिसंबर क्रिसमस के दिन की शुरुआत हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ हुई है और पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढंक गया है. तापमान शून्य से नीचे चला गया है.

Weather Today : हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में आज सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है, जिसकी वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढंक गया है. खास कर शिमला और मनाली में तो स्थिति ऐसी है जैसे लोग सफेद क्रिसमस का आनंद ले रहे हों. तापमान शून्य से नीचे चला गया है. परेशानी की वजह यह है कि हिमाचल प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें बर्फबारी की वजह से बंद हो गई हैं और पर्यटक कई इलाकों में फंस गए हैं.

वाहन फिसलने से चार की मौत

हिमाचल प्रदेश में हुई बर्फबारी का नजारा देखने के लिए पहुंचे पर्यटक इस नजारे का आनंद तो उठा रहे हैं, लेकिन वाहन फिसलने की घटना की वजह से चार लोगों की मौत हो गई है. मौसम विभाग ने पहले ही इन इलाकों में बर्फबारी की सूचना दी थी. मौसम विभाग ने बर्फबारी के दौरान गाड़ी ना चलाने की सलाह दी है.

दिल्ली में घना कोहरा, विजिबिलिटी 100 मीटर

दिल्ली में आज सुबह काफी कोहरा देखा गया और तापमान 9 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया. विजिबिलटी काफी कम रही जिसकी वजह से वाहन चलाने में असुविधा हो रही है.मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सुबह 5:30 बजे दिल्ली में विजिबिलिटी 100 मीटर थी. पूरी दिल्ली घने कोहरे की चादर से ढंकी हुई है, वहीं एयर क्वालिटी की स्थिति बहुत ही खराब नजर आई, जिसकी वजह से आम लोगों को घर से बाहर सांस लेने में समस्या हो रही थी. घने कोहरे की वजह से 20 से अधिक ट्रेनें विलंब से चल रही हैं.

शीतलहरी का अलर्ट

बर्फबारी के बाद उत्तर भारत में शीतलहरी चलेगी, जिसके बारे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश में शीतलहरी चलेगी जिसका असर पूरे उत्तर भारत पर पड़ेगा और शीतलहरी से आम जनजीवन प्रभावित होगा. बढ़ती ठंड को देखते हुए मौसमी बीमारियों की बढ़ने की संभावना है जिसकी वजह से खास सावधानी रखने की सलाह दी जाती है, ताकि बच्चों और वृद्धों को परेशानी ना हो.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >