Waqf Bill: वक्फ बिल पर कौन सरकार के साथ और कौन कर रहा विरोध, देखें पूरी सूची

Waqf Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बुधवार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने वाली है. इसपर 8 घंटे तक लंबी चर्चा चलेगी, उसके बाद सरकार इस बिल को पारित कराएगी. हालांकि सरकार को विपक्ष के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. बिल का विरोध करने के लिए कांग्रेस की अगुआई में इंडिया गठबंधन की दिल्ली में बड़ी बैठक भी हुई. बिल पेश होने से पहले यहां जानते हैं कौन-कौन इस बिल के पक्ष में सरकार के साथ खड़ा है और कौन विपक्ष में.

Waqf Bill: नरेंद्र मोदी सरकार 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश करेगी. इसको लेकर बीजेपी ने अपने सांसद के लिए व्हिप जारी किया है. वहीं कांग्रेस ने भी अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया. इसके अलावा इंडिया गठबंधन के नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए बड़ी बैठक की और संयुक्त रणनीति पर चर्चा की. बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, NCP पवार गुट की नेता सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी और AAP के संजय सिंह शामिल हुए. बैठक में DMK के टी आर बालू, तिरुचि शिवा और कनिमोई, RJD के मनोज कुमार झा, CPI-M के जॉन ब्रिटास, CPI के संदोष कुमार पी, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और वाइको भी उपस्थित थे.

बिल के समर्थन में कौन-कौन

JDU
Shiv Sena
Telugu Desam Party (TDP)
लोजपा
इसके अलावा एनडीए में शामिल अन्य पार्टियां

बिल के विरोध में कौन-कौन

औवैसी की पार्टी AIMIM
कांग्रेस
RJD
AAP
CPI
CPI-M
DMK
NCP
TMC
SP
इसके अलावा इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य विपक्षी पार्टियां

लोकसभा में क्या है नंबर गेम

लोकसभा में किसी भी बिल को पास कराने के लिए जरूरी आंकड़े 272 हैं. जबकि लोकसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में संख्याबल है. लोकसभा में 542 सदस्यों में NDA के 293 सांसद हैं. जिसमें बीजेपी के अपने 240 सांसद हैं. जबकि बीजेपी कई मौकों पर कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन हासिल करने में सफल रही है. विपक्ष की बात करें, तो कांग्रेस के 99 सांसद हैं. जबकि इंडिया ब्लॉक के सांसदों को मिलाकर विपक्ष के पास 233 सांसद हैं.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया बिल का पुरजोर विरोध

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) भाजपा के सहयोगी दलों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से अपील करता है कि वे “वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करें और किसी भी परिस्थिति में इसके पक्ष में मतदान न करें.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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