यूपी में रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या की खैर नहीं, झुग्गी–झोपड़ियों तक पहुंची पुलिस

Verification of Suspected Intruders : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों के सत्यापन के लिये अभियान चलाया गया. यहां पुलिस पूरी तरह से एक्टिव है. सात दिवसीय विशेष अभियान यहां चलाया जा रहा है.

Verification of Suspected Intruders : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अन्य संदिग्ध घुसपैठियों के सत्यापन के लिए सात दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया. पुलिस उपायुक्त गौरव बंसवाल ने बताया कि वाराणसी में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों के सत्यापन के लिए सात दिवसीय अभियान चला कर झुग्गी झोपडीयों में रहने वाले व्यक्तियों और फेरी लगाने वालों की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि सत्यापन के जरिये ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है जो अवैध रूप से निवास कर रहे हैं.

विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन जांच जारी

अधिकारी ने बताया कि ऐसे सभी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. बंसवाल ने बताया कि इस अभियान के क्रम में गोमती जोन के पुलिस उपायुक्त आकाश पटेल के निर्देशन में सभी थाना प्रभारियों द्वारा विशेष टीमों का गठन कर अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि शनिवार को गोमती जोन के अपर पुलिस उपायुक्त वैभव बांगर के नेतृत्व में बड़ागांव थानाक्षेत्र के कोईराजपुर में झुग्गी-झोपड़ी में विशेष जांच अभियान चलाया गया.

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फोटो सहित पूरी जानकारी फॉर्म में दर्ज करावाई गई

अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, फेरी लगाने वालों के अलावा अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच, पहचान सत्यापन एवं पृष्ठभूमि की जांच की गई. बंसवाल ने बताया कि जांच के दौरान हर व्यक्ति का फोटो सहित पूरी जानकारी ली गई. पूरी जानकारी निर्धारित फॉर्म में दर्ज करावाई गई. उन्होंने बताया कि सत्यापन के बाद ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा रही है जो अवैध रूप से निवास कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में अवैध गतिविधियों, फर्जी पहचान बनाने वालों और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जगह नहीं है. इस कार्रवाई से सरकार ने फिर साफ किया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा और राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं होगा.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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