वंदे भारत एक्सप्रेस फिर दुर्घटनाग्रस्त, ट्रेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त, एक महीने में तीसरी घटना

Vande Bharat Express accident बताया जा रहा है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन उस समय हादसे की शिकार हुई, जब अतुल रेलवे स्टेशन के पास अचानक गाय आ गयी. इस हादसे में वंदे भारत ट्रेन का अगला हिस्सा टूट गया.

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन एक बार फिर से दुर्घटनाग्रस्त हो गयी है. बताया जा रहा है कि गुजरात-वलसाड के अतुल रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन हादसे की शिकार हुई.

ट्रैक पर अचानक आ गयी गाय

बताया जा रहा है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन उस समय हादसे की शिकार हुई, जब अतुल रेलवे स्टेशन के पास अचानक गाय आ गयी. इस हादसे में वंदे भारत ट्रेन का अगला हिस्सा टूट गया. भारतीय रेलवे ने हादसे के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ट्रेन को कोई नुकसान नहीं हुआ है, सिवाय फ्रंट कोच यानी ड्राइवर कोच के नोज कोन कवर पर नुकसान के. ट्रेन सुचारू रूप से चल रही है.

अतुल स्टेशन पर आधे घंटे खड़ी रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

खबर है हादसे के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अतुल स्टेशन पर आधे घंटे खड़ी रही. हालांकि आधे घंटे के बाद ट्रेन को फिर से रवाना कर दिया गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसे में वंदे भारत का कपलर कवर भी क्षतिग्रस्त हो गया. बीसीयू कवर के भी डैमेज होने की खबर है.

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अतुल स्टेशन पर आधे घंटे खड़ी रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

खबर है हादसे के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अतुल स्टेशन पर आधे घंटे खड़ी रही. हालांकि आधे घंटे के बाद ट्रेन को फिर से रवाना कर दिया गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसे में वंदे भारत का कपलर कवर भी क्षतिग्रस्त हो गया. बीसीयू कवर के भी डैमेज होने की खबर है.

इससे पहले भी दो बार हादसे की शिकार हुई थी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

गांधीनबर से मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन इससे पहले भी दो बार हादसे की शिकार हुई थी. इन दोनों ही हादसे में ट्रेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गयी थी. पहला हादसा 6 अक्टूबर को हुआ था, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ पहला हादसा गुरूवार को हुआ जब ट्रेन गुजरात से मुंबई जा रही थी. ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी और उसी बीच अचानक पटरी पर 4 भैंसों का झुंड आ गया. इस एक्सीडेंट के बाद ट्रेन का अगला हिस्सा पूरी तरह से डैमेज हो गया था. उसके बाद दूसरा हादसा उसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को हुआ था. उस समय भी पटरी पर अचानक एक गाय आ गयी थी. इन दोनों ही हादसे में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा. लेकिन, इस बार भी ट्रेन का अगला हिस्सा डैमेज हो गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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