वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने क्वारंटाइन में रह रहे मुसलमानों दी सहरी -इफ्तारी

रमजान के पाक महीने में श्री माता वैष्णो देवी धाम श्राइन बोर्ड ने अनोखी मिसाल पेश की है.बोर्ड ने क्वारंटाइन में रह रहे मुस्लिमों परिवारों को सहरी और इफ्तारी खिलाकर मिसाल पेश की है.बोर्ड ने अपने इस प्रयास से साबित कर दिया है कि भारत को यू ही अनेकता में एकता का देश नहीं कहा जाता.बोर्ड के आशीर्वाद भवन को क्वारंटीन सेंटर में बदल दिया गया है, जिसमें 500 मुस्लिम क्वारंटीन किए गए हैं. बोर्ड ही इन लोगों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहा है

जम्मू : रमजान के पाक महीने में श्री माता वैष्णो देवी धाम श्राइन बोर्ड ने अनोखी मिसाल पेश की है.बोर्ड ने क्वारंटाइन में रह रहे मुस्लिमों परिवारों को सहरी और इफ्तारी खिलाकर मिसाल पेश की है.बोर्ड ने अपने इस प्रयास से साबित कर दिया है कि भारत को यू ही अनेकता में एकता का देश नहीं कहा जाता.बोर्ड के आशीर्वाद भवन को क्वारंटीन सेंटर में बदल दिया गया है, जिसमें 500 मुस्लिम क्वारंटीन किए गए हैं. बोर्ड ही इन लोगों के खाने-पीने का इंतजाम कर रहा है

बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि रमजान के इस पाक महीने में हमारा बोर्ड रात में ही हमारे मुस्लिम भाईयो को सहरी और इफ्तारी दे रहा है.बता दें, रमजान के महीने में सुबह होने से पहले ही इफ्तारी की जाती है फिर इसके बाद दिनभर व्रत रहते है मुस्लिम रोजेदार.

उन्होंने बताया कि आशीर्वाद आश्रम में ज्यादातर लोग मजदूर वर्ग से है.बोर्ड ने बताया कि अभी तक लोगों को खाना खिलाने के लिए 80 लाख रूपये खर्च हो चुके है.वहीं कोरोरना से लड़ाई में बोर्ड ने 1.5 करोड़ का दान भी दिया है. रमेश कुमार ने बताया कि ईद पर हम मुस्लिम भाईयो के लिए स्पेशल खाना खिलाने की तैयारी कर रहे है.

जो लोग आशीर्वाद भवन के क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे हैं वह प्रवासी कामगार ही हैं. जहां एक ओर भारत के मुसलमान भी लॉकडाउन के बीच रमज़ान की समाप्ति का इंतजार कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो क्वारंटाइन सेंटर्स में फंसे हुए हैं. कई लोगों के लिए रमजान, ईश्वर, परिवार और समुदाय के करीब जाने का समय है, लेकिन महामारी ने उन परंपराओं को फिलहाल रोक रखा है.

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Author: Mohan Singh

Published by: Prabhat Khabar

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