उत्तरकाशी हादसा: यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल के मजदूर सुरंग में फंसे, देखें वीडियो

सीमा सड़क संगठन और भारत तिब्बत सीमा पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंची जिससे बचाव एवं राहत कार्य में और तेजी आ गई है. उत्तरकाशी हादसा में यूपी, बिहार, झारखंड और बंगाल के मजदूर सुरंग में फंसे हैं. यहां देखें वीडियो

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा रविवार सुबह अचानक ढह गया जिससे वहां करीब चालीस मजदूर फंस गए. इन मजदूरों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य चलाया जा रहा है. सोमवार सुबह न्यूज एजेंसी एएनआई ने घटनास्थल का वीडियो शेयर किया है जिसमें राहत बचाव करते कर्मी नजर आ रहे हैं. प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवान रणवीर सिंह चौहान ने बताया कि काम बड़ी तेजी से चल रहा है. हर कोई पूरी मेहनत से काम कर रहा है. हम कल दुखी थे क्योंकि हम फंसे हुए लोगों से बात नहीं कर पा रहे थे. लेकिन फिर हम उनसे बात करने में सक्षम हो गए. बताया जा रहा है कि सुरंग में फंसे मजदूरों से वॉकी-टॉकी के जरिये संपर्क स्थापित हुआ है. फंसे मजदूरों को पाइप से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. इस बीच लोडर ऑपरेटर मृत्युंजय कुमार ने बताया कि मकिंग का काम चल रहा है. सुरंग का लगभग 30-35 मीटर हिस्सा टूट गया है. घटना रविवार सुबह 5:30 बजे के आसपास हुई. हमारे पास लगभग 40-45 लोग के फंसे होने की जानकारी आई. सभी सुरक्षित हैं.

नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक राजेश पंवार ने हादसे के बाद जानकारी दी कि सुरंग में फंसे लोगों ने पाइप से पानी बाहर गिराया है. इससे संकेत मिल रहा है कि वे सभी सुरक्षित हैं. इस बीच एनएचआईडीसीएल द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड के मुताबिक सुरंग के अंदर करीब 40 श्रमिक फंसे हुए हैं. इन मजदूरों में यूपी, बिहार, बंगाल और झारखंड के भी मजदूर हैं.

नवयुग इंजीनियरिंग ने जो लिस्ट जारी की है उससे यह जानकारी सामने आई है कि सुरंग में फंसे मजदूर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हैं. इस खबर के सामने आने के बाद मजदूरों के परिवार में दिवाली के दिन गम का माहौल हो गया. सभी इन मजदूरों के सकुशल सुरंग से निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी को फोन कर घटना की जानकारी ली. पीएम मोदी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए सीएम धामी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लेपचा से लौटते ही प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया और सुरंग में फंसे श्रमिकों की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली. आपको बता दें कि पीएम मोदी दिवाली मनाने के लिए सेना के जवानों के बीच लेपचा पहुंचे थे.

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प्रशांत कुमार (सर्किल ऑफिसर) ने जानकारी दी कि मलबा लगभग 60 मीटर तक है… जैसे हम मलबा हटा रहे हैं, ऊपर से मलबा गिर रहा है. हमने लगभग 15-20 मीटर तक मलबा हटा लिया है. सभी लोग सुरक्षित हैं. सुरंग के अंदर ऑक्सीजन, राशन और पानी भी भेजा जा रहा है. सुरंग के अंदर लगभग 40 लोग हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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