उत्तराखंड में बड़ा हादसा : चीन सीमा से लगे भारतीय क्षेत्र के सुमना में ग्लेशियर टूटने से 6 की गई जान

Uttarakhand weather forecast, glacier broke in china border : चमोली जिले से लगे भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया है. भारतीय सेना की सेंट्रल कंमाड की ओर से कहा गया है कि शुक्रवार को सेना द्वारा ग्लेशियर की जद में आए 391 लोगों को बचाया गया है.

जोशीमठ (उत्तराखंड) : चमोली जिले से लगे भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया है.

भारतीय सेना की सेंट्रल कंमाड की ओर से कहा गया है कि शुक्रवार को सेना द्वारा ग्लेशियर की जद में आए 391 लोगों को बचाया गया है. ये सब बीआरओ कैंप में थे. ग्लेशियर टूटने से सुमना-टू में छह लोगों की मरने की सूचना है. सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं. चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं. सेना और आईटीबीपी द्वारा राहत बचाव कार्य जारी है. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

जानकारी के अनुसार भारत-चीन सीमा के पास स्थित नीती घाटी के सुमना क्षेत्र में आईटीबीपी बटालियन की पोस्ट के पास ही यह घटना हुई है. वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावन ने ट्वीट कर बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने नीति घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना का संज्ञान लिया है. उन्होंने उत्तराखंड को पूरी मदद देने का आश्वासन दिया है और आईटीबीपी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था, ‘नीती घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना मिली है. इस संबंध में मैंने एलर्ट जारी कर दिया है. मैं निरंतर जिला प्रशासन और बीआरओ के सम्पर्क में हूं. जिला प्रशासन को पूरी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दे दिए हैं. एनटीपीसी एवं अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के आदेश दे दिए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना ना होने पाए.’

एसडीआरएफ के प्रवक्ता निरीक्षक संजय रौथाण ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार की रात 10:16 बजे सुमना पोस्ट से आगे रिमझिम पोस्ट की तरफ ग्लेशियर टूटने की घटना हुई , जहां पुल निर्माण चल रहा रहा था. उन्होंने बताया कि रात में मौसम अत्यधिक खराब होने और हिमपात से मार्ग अवरुद्ध होने के बावजूद राहत दल इंस्पेक्टर हरक सिंह राणा के नेतृत्व में रवाना हुआ.

राणा ने सेटेलाइट फोन से जानकारी दी कि एसडीआरएफ की नौ सदस्यीय टीम हिमपात के कारण रास्ता अवरुद्ध होने की वजह से पैदल भाप कुंड पहुंची है और 20 जवानों के साथ घटनास्थल पर जा रही है. इसके अलावा, एसडीआरएफ की एक अन्य टीम ग्राम रतूड़ा से जोशीमठ पहुंच गई है. दो टीमों को मय रेस्क्यू उपकरणों और आवश्यक सामग्री के वाहिनी मुख्यालय तथा सहस्त्रधारा पोस्ट पर अलर्ट में रखा गया है जो आवश्यकता पड़ने पर तत्काल घटनास्थल को रवाना होंगी. उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से 6 लोगों की गई जान तथा News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।

Posted By : Amitabh Kumar

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