उत्तराखंड (uttarakhand) के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने (Chamoli Glacier Break) से भारी तबाही का मंजर नजर आ रहा है. ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी किया गया है. अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर दिख रही है. पानी के तेज बहाव को देखते हुए कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है.
पानी के बहाव में कई घरों के बहने की आशंका जताई जा रही है. आस-पास के इलाके खाली कराने का काम जारी है. लोगों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचने की अपील प्रशासन की ओर से की गई है. इधर सीएम तिवेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर रवाना हो चुके हैं.
ग्लेशियर फटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चला है जिसमें लोग कुछ कहते नजर आ रहे हैं. वीडियो से आ रही आवाज से आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कितने डरे हुए हैं. आईटीबीपी की मानें तो रेणी गांव के नजदीक धौलीगंगा में भयानक बाढ़ देख लोग डर गये हैं. यहां बादल फटने या जलाशय के टूटने के चलते जल निकायों में बाढ़ जैसी स्थिति नजर आ रही है. यहां नदी किनारे स्थित कई घर तबाह हो चुके हैं.
खबरों की मानें तो आईटीबीपी के सैकड़ों जवान रेस्क्यू के लिए रवाना हो चुके हैं. पीटीआई ने प्रत्यक्षदर्शियों को लेकर खबर दी है जिसके अनुसार प्रातः अचानक जोर की आवाज के साथ धौली गंगा का जलस्तर बढ़ता दिखा. पानी तूफान के आकार में आगे बढ़ रहा था और वह अपने रास्ते में आने वाली सभी चीजों को अपने साथ बहाकर ले गया.
चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि मौके पर प्रशासन का दल पहुंच गया है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है. रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है. रेणी में सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गया है. दूसरी ओर रेणी से जोशीमठ के बीच धौली गंगा पर नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन की तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज स्थल के आसपास के इलाके में भी कुछ आवासीय भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं.
Posted By : Amitabh Kumar
