US Strikes Iran: ईरान पर अमेरिकी हमले से भड़के असदुद्दीन ओवैसी, ट्रंप और असीम मुनीर पर साधा निशाना

US Strikes Iran: ईरान-इजराइल जंग में आखिरकार अमेरिका की एंट्री हो गई. अमेरिका ने रविवार को तड़के तीन ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले किए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान के परमाणु केंद्र ‘पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए हैं’. साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने जवाबी कार्रवाई की तो उसके खिलाफ और अधिक हमले किए जा सकते हैं. इधर ट्रंप के इस कदम पर दुनियाभर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्रंप की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने ईरान पर हमले के बाद पाकिस्तान को भी आड़े हाथ लिया है.

US Strikes Iran: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान के 3 परमाणु संयंत्रों पर अमेरिकी हमले और इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर कहा, “क्या पाकिस्तान के जनरल (सेना प्रमुख असीम मुनीर) ने इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ लंच किया था? आज वे सभी बेनकाब हो गए हैं. हमें पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि इसके लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिले.”

अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है : ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है… ऐसा करने से मुझे यकीन है कि ईरान आने वाले पांच सालों में एक परमाणु शक्ति संपन्न देश बन जाएगा. हमले से पहले ईरान ने अपने भंडार को स्थानांतरित कर दिया होगा. यह कोई निवारक नहीं होगा. कई अरब देशों को लगेगा कि उन्हें परमाणु क्षमता की आवश्यकता है.”

अमेरिकी नीति केवल इजरायल सरकार के अपराधों को छिपाने की है : ओवैसी

ओवैसी ने कहा, “अमेरिकी नीति केवल इजरायल सरकार के अपराधों को छिपाने की है. गाजा में जो हो रहा है, वह नरसंहार है और कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है. कोई यह क्यों नहीं पूछ रहा है कि इजरायल के पास कितने परमाणु भंडार हैं?… ईरान में इन तीन या चार जगहों पर अमेरिका द्वारा बमबारी करने से वे नहीं रुकेंगे. मेरे शब्दों पर ध्यान दें, यहां तक ​​कि ईरान भी अगले 5 से 10 सालों में ऐसा करेगा, यहां तक ​​कि अन्य देश भी ऐसा करेंगे क्योंकि अब उन्हें एहसास हो गया है कि परमाणु बम और परमाणु हथियार होना ही इजरायल के आधिपत्य के खिलाफ एकमात्र निवारक है.”

खाड़ी और मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ी, तो 16 मिलियन भारतीयों पर पड़ेगा प्रभाव

ओवैसी ने कहा, “हमें यह भी याद रखना चाहिए कि खाड़ी और मध्य पूर्व में 16 मिलियन से ज़्यादा भारतीय रहते हैं और अगर उस क्षेत्र में युद्ध छिड़ जाता है, जिसकी दुर्भाग्य से बहुत संभावना है, तो इसका वहां रहने वाले भारतीयों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. भारतीय कंपनियों ने इन सभी अरब देशों या खाड़ी देशों में जो निवेश किया है, और विदेशी निवेश का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. और अंत में, ईरान के पास परमाणु हथियार होने या यह और वह होने के बारे में बहुत ज्यादा चर्चा की गई है, इराक में भी यही हुआ था, सामूहिक विनाश के हथियार. कुछ भी नहीं निकला.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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