पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के बयान पर भारत में बवाल, पीएम मोदी के खिलाफ की अभद्र टिप्पणी

पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई किसी ने की है, तो यह मोदी सरकार के कार्यकाल में हुई है. इस तरह के बयान किसी भी विदेश मंत्री के लिए शोभा नहीं देते.

नई दिल्ली : पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी पर भारत में बवाल मचा हुआ है. भारत की राजधानी दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के बयान के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया. इसके साथ ही, बिलावल भुट्टो जरदारी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी निशाना साधा है.

पीएम मोदी ने आतंकवाद पर लगातार की है चोट

पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के बयान पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई किसी ने की है, तो यह मोदी सरकार के कार्यकाल में हुई है. इस तरह के बयान किसी भी विदेश मंत्री के लिए शोभा नहीं देते. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1971 में जिस तरह भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना को धूल चटाई थी, शायद उनको अभी तक उसका दर्द टीस रहा है. उसके बाद भी पाकिस्तान आतंकवादियों को पैदा करने, उन्हें पनाह देने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का लगातार प्रयास कर रहा है.

अमेरिका ने ओबामा को मारा, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक : अनुराग ठाकुर

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने बयान में आगे कहा कि पाकिस्तान की हरकतों और मंसूबों को दुनिया देख चुकी है. ये लंबे समय से आतंकियों को पनाह दे रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. अमेरिका ने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया और भारत ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री का बयान बेहद शर्मनाक था और जिस तरह से 1971 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को परास्त किया था, उसे दोहराने की कोशिश थी.

बिलावल के बयान को करें नजरअंदाज : मीनाक्षी लेखी

वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि बिलावल भुट्टो ने जिस प्रकार का बेबुनियाद बयान दिया है, वो पाकिस्तान और उनके मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है. ये असफलता की ओर बढ़ते हुए पाकिस्तान और वहां के एक असफल नेता का बयान है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिन लोगों को शह देता आया है, उसके बारे में बात करने का समय आ गया है. पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसको दुनिया में कोई मान्यता नहीं मिलती. जिस प्रकार से इनके देश को नजरअंदाज किया जाता है, उसी प्रकार से इनके बयान को भी नजरअंदाज करना चाहिए.

यूएन में जयशंकर ने पाकिस्तान को लगाई फटकार

दरअसल, पाकिस्तानी मंत्री बिलावल भुट्टो के बिलबिलाने के पीछे संयुक्त राष्ट्र में भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने बुधवार को पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई थी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में उठाने पर पाकिस्तान को फटकारते हुए कहा कि जिस देश ने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को पनाह दी हो और अपने पड़ोसी देश की संसद पर हमला किया हो, उसे उपदेश नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता वर्तमान समय की चुनौतियों पर की गई प्रभावी प्रतिक्रिया पर निर्भर करती है. वह चुनौती महामारी, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद या कोई और संघर्ष हो सकती है और ऐसे खतरों को आम चुनौतियों की तरह स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.

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जयशंकर की फटकार पर बिलबिलाए बिलावल भुट्टो

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लगाई गई फटकार के बाद पाकिस्तानी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने अमेरिका में एक प्रेसवार्ता के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमला बोला. मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि मैं भारत को बताना चाहता हूं कि ओसामा बिन लादेन तो मर चुका है, लेकिन ‘गुजरात का कसाई’ अभी जिंदा है और भारत का प्रधानमंत्री है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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