UPPSC RO ARO Exam Protest: 'नहीं चाहिए धन या दौलत' नारे के साथ, यूपीपीएससी के खिलाफ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

UPPSC RO ARO Exam Protest: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का वीडियो सामने आया है. इसमें अभ्यर्थी हाथ में बैनर लिए नजर आ रहे हैं.

UPPSC RO ARO Exam Protest: एक ही तारीख पर आरओ-एआरओ और पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के फैसले को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. निर्णय का अभ्यर्थी पहले से विरोध कर रहे हैं. सोमवार को फिर से इस फैसले के खिलाफ द‍िल्ली से लेकर यूपी तक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं.

अभ्यर्थी हाथ में बैनर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए. इसमें लिखा था- नहीं चाहिए धन या दौलत…न सोना न चांदी…हमें चाहिए कई शिफ्ट में पेपर से आजादी…अभ्यर्थी हाथ में महात्मा गांधी, भगत सिंह और नेता जी सुभाषचंद्र बोस की तस्वीर भी लिए हुए थे. ये बैरिकड को तोड़कर आगे बढ़ते दिखे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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