नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार की ओर से बनाए जा रहे नए संसद भवन (सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट) को लेकर सोमवार को केंद्रीय शहरी आवास मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला किया है. उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर एक गलत कहानी गढ़ी जा रही है. इस पर महामारी के बहुत पहले ही फैसला ले लिया गया था. बता दें कि उनका यह बयान तब सामने आया है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर अपनी मुहर लगा दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर एक गलत कहानी गढ़ी जा रही है. इस पर महामारी के बहुत पहले फैसला ले लिया गया था. संसद का नया भवन बनाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि पुराना भवन सेस्मिक ज़ोन 2 में आता था. अगर तेज भूंकप आए, तो अब ये भवन सेस्मिक ज़ोन 4 में है.
उन्होंने कहा कि आजादी के समय हमारी जनसंख्या 350 मिलियन के करीब थी. संसद भवन में हमें जगह की जरूरत होती है, ताकि संसद सदस्य बैठ सकें. राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब से यह मांग की जा रही है. कुल खर्चा 1300 करोड़ रुपये के आसपास है. जब 2012 में मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष थीं, तो उनके एक OSD थे, जिन्होंने आवास मंत्रालय के सचिव को एक पत्र लिखा था. इसमें कहा गया था कि एक फैसला ले लिया गया है कि एक नई संसद भवन बननी चाहिए.
बता दें कि विपक्ष ने सरकार पर इसको लेकर तीखा हमला बोला था. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय महत्ता के लिए इसका निर्माण जरूरी है. ऐसे में, इसके निर्माण कार्य को नहीं रोका जा सकता है.
Posted by : Vishwat Sen
