Union Cabinet Meeting: झरिया संशोधित मास्टर प्लान और पुणे मेट्रो लाइन-2 को मोदी सरकार की मंजूरी, कैबिनेट में 3 बड़े फैसले

Union Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई. जिसमें तीन बड़े फैसले लिए गए. मोदी सरकार ने पुनर्वास के लिए 5,940 करोड़ रुपये के संशोधित झरिया मास्टर प्लान को मंजूरी दी. बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.

Union Cabinet Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में जो तीन बड़े फैसले लिए गए, उसमें बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, “आज कैबिनेट बैठक में तीन बड़े फैसले लिए गए. पुणे मेट्रो विस्तार के लिए 3626 करोड़ रुपये पारित किए गए. दूसरा, झरिया (झारखंड) भूमिगत आग का बहुत पुराना मुद्दा है. इसके लिए 5940 करोड़ रुपये का संशोधित मास्टर प्लान मंजूर किया गया. तीसरा, आगरा में 111 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र स्थापित किया जाएगा.”

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकाल के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकाल के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया. इससे पहले बैठक में आपातकाल की ज्यादतियों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि के देने के लिए कुछ क्षण का मौन रखा गया.

आपातकाल पर पारित प्रस्ताव में क्या है खास?

आपातकाल की घोषणा के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पारित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उन अनगिनत व्यक्तियों के बलिदान को याद करने और उनका सम्मान करने का संकल्प लिया, जिन्होंने आपातकाल और भारतीय संविधान की भावना को नष्ट करने के उसके प्रयास का बहादुरी से विरोध किया था. एक विध्वंस जो 1974 में नवनिर्माण आंदोलन और संपूर्ण क्रांति अभियान को कुचलने के एक कठोर प्रयास के साथ शुरू हुआ था. कैबिनेट ने बताया, “इस अवसर को चिह्नित करने के लिए, केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज की बैठक में उन लोगों को श्रद्धांजलि के रूप में दो मिनट का मौन रखा गया, जिनके संवैधानिक रूप से गारंटीकृत लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिए गए थे और जिन्हें तब अकल्पनीय भयावहता का सामना करना पड़ा था.” केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आपातकाल की ज्यादतियों के खिलाफ उनके अनुकरणीय साहस और बहादुरीपूर्ण प्रतिरोध को श्रद्धांजलि दी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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