Union Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “खड़गपुर से भद्रक लाइन बालेश्वर से होते हुए रूपसा और फिर रूपसा से भद्रक तक जाती है. यह पूरा मार्ग ओडिशा के तट के साथ-साथ है. यह तटीय इलाके से गुजरने वाली लाइन है.”
खड़गपुर-भद्रक प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 173 किलोमीटर, लागत 3,352 करोड़ रुपये
अश्विनी वैष्णव ने बताया, “खड़गपुर और भद्रक के बीच रेलवे लाइन को चार लाइन वाला बनाया जा रहा है. इसमें दो बड़े पुल और 41 मुख्य पुल बनाए जाएंगे, साथ ही 169 छोटे पुल भी बनाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 173 किलोमीटर है और इसकी लागत 3,352 करोड़ रुपये होगी.”
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भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन को केंद्र की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया, "एक और प्रोजेक्ट भद्रक से हरिदासपुर तक का है. भद्रक और हरिदासपुर के बीच तीसरी लाइन का काम तेजी से चल रहा है और कई जगहों पर यह पूरा भी हो चुका है; यहां चौथी लाइन भी बनाई जाएगी. यह 75 किलोमीटर लंबी लाइन है. यह पूरा कॉरिडोर बिजली, कोयला, स्टील, लोहा और चूना पत्थर की ढुलाई के लिए बहुत अहम है. इस डिजाइन से कटक में ट्रेनों की भीड़-भाड़ की समस्या खत्म हो जाएगी. कुल मिलाकर, 18 बड़े और 106 छोटे पुल बनाए जाएंगे, साथ ही कई रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) भी बनेंगे. 1,583 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट."
गुमिडीपुंडी-गुडूर प्रोजेक्ट को भी कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, "एक और प्रोजेक्ट गुमिडीपुंडी-गुडूर है. इस कॉरिडोर में कई तरह के नए उद्योग आ रहे हैं, खासकर मशीनरी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जैसे सेक्टर में; यहां यात्रियों का आना-जाना भी काफी होता है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2,229 करोड़ रुपये है और इसमें स्वर्णमुखी नदी पर 360 मीटर लंबा मेगा-ब्रिज भी शामिल है."
