'सनातन धर्म' पर बयान के बाद उदयनिधि स्टालिन को मिली जान से मारने की धमकी, कड़ी की गई सुरक्षा

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म के संदर्भ में दिए बयान को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. बीजेपी ने विपक्ष पर अपना हमला करते हुए कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) हिंदू विरोधी है.

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए’ वाले बयान को लेकर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद चेन्नई में उनके आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई. आपको बता दें कि उनके बयान के बाद बीजेपी लगातार हमलावर है और विपक्षी गठबंधन इंडिया पर दबाव बना रही है.

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे की सनातन धर्म को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास (अयोध्या) ने कहा है कि उन्हें(प्रियांक खरगे) सनातन का ज्ञान नहीं है. इस प्रकार की भाषा मूर्खता है…सनातन धर्म को सारे देश के लोग मानते हैं, यदि वे(उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खरगे) इसे हटाने और इसे कीड़े-मकोड़े के समान बोल रहे हैं तो ये लोग देशद्रोही हैं और इन्हें दंड देना चाहिए.

अयोध्या के संत ने उदयनिधि स्टालिन का सिर कलम करने पर 10 करोड़ रुपये इनाम की घोषणा की

अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी मंदिर के मुख्य पुजारी जगदगुरु परमहंस आचार्य ने सनातन धर्म संबंधी टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन का सिर काटने वाले को 10 करोड़ रुपये इनाम देने की सोमवार को घोषणा की. परमहंस आचार्य ने कहा कि मैं स्टालिन का सिर काटकर मेरे पास लाने वाले को 10 करोड़ रुपये नकद इनाम दूंगा. अगर किसी के पास स्टालिन को मारने की हिम्मत नहीं की तो मैं खुद उन्हें दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढूंगा और मार डालूंगा.

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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने क्या कहा

तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए’ वाली टिप्पणी पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने सतना में मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब उदयनिधि स्टालिन को लेकर क्या कहें… अब तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे ने भी कुछ बोल दिया है. राहुल गांधी पहले ही हिंदु और हिंदुत्व पर सवाल उठा चुके हैं… यह सब टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थक लोग हैं, यही इनका छिपा हुआ उद्देश्य है, उसी की तरफ ये धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं और सनातन को खंडित करने की कोशिश कर रहे हैं.

रामगोपाल यादव ने क्या कहा

उदयनिधि स्टालिन की ‘सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए’ वाली टिप्पणी पर सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि मैं इसपर कोई बयान नहीं देना चाहता…बस इतना कहूंगा कि किसी को भी किसी के धर्म, किसी के विचारों के खिलाफ बयान नहीं देना चाहिए.

क्या है मामला

गौर हो कि तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को यह टिप्पणी कर विवाद पैदा कर दिया कि ‘सनातन धर्म’ समानता एवं सामाजिक न्याय के विरुद्ध है और इसका उन्मूलन करने की जरूरत है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने ‘सनातन धर्म’ की तुलना कोरोना वायरस, मलेरिया और डेंगू से करते हुए कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि इनका उन्मूलन कर देना चाहिए.

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उदयनिधि ने सनातन धर्म के खिलाफ बोलना जारी रखने का संकल्प लिया

इस बीच सनातन धर्म विरोधी रुख को लेकर व्यापक स्तर पर विरोध होने के बावजूद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता और तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को कहा कि उन्होंने आस्था में कुछ प्रथाओं के ‘‘उन्मूलन’’ की बात की थी और वह उनके खिलाफ आवाज उठाना जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सिर्फ हिंदू आस्था के बारे में नहीं, बल्कि उन सभी (आस्थओं) के बारे में बात की जिनमें ऐसा किया जाता है. उदयनिधि ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं उस मुद्दे पर बार-बार बात करूंगा जिस पर मैंने शनिवार को कार्यक्रम में बात की थी. मैं और भी बोलूंगा. मैंने उस दिन ही कहा था कि मैं उस मुद्दे पर बात करने जा रहा हूं जो कई लोगों को क्रोधित कर देगा और वही हुआ. उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म का मतलब है कि यह स्थायी है और इसे बदला नहीं जा सकता.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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