Uddhav Thackeray: देसाई ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक प्रतिवेदन सौंपकर उनसे शिवसेना (UBT) से किसी भी गैरकानूनी दलबदल को रोकने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा, कानून के तहत दो-तिहाई सांसदों का समर्थन होने पर भी कोई समूह सीधे किसी अन्य दल में विलय नहीं कर सकता. किसी समूह के पास जरूरी दो-तिहाई बहुमत होने पर केवल मूल राजनीतिक दल का विलय हो सकता है. देसाई ने कहा, यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष का होता है इसलिए अगर दो-तिहाई सांसदों के समर्थन का दावा करने वाला कोई समूह किसी अन्य दल में विलय के लिए उनके पास पहुंचता है तो नियमों के तहत उस समूह को मान्यता नहीं दी जा सकती क्योंकि प्रावधानों के अनुसार केवल मूल राजनीतिक दल का विलय हो सकता है. छह सांसद होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता.
दल बदल रोधी कानून से बचने के लिए 6 सांसदों को बदला होगा पाला
शिवसेना (UBT) के लोकसभा में नौ सांसद हैं और दल बदल रोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम छह सांसदों को एक साथ पाला बदलना होगा.
संजय राउत ने सांसदों को 50 करोड़ रुपये में खरीदने का लगाया आरोप
संजय राउत ने महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश किए जाने का आरोप लगा चुके हैं. राउत ने कहा कि बिरला ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कोई भी फैसला लेने से पहले वह कानून के हर पहलू पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा, लोकसभा अध्यक्ष एक सम्मानित व्यक्ति हैं और उन्होंने हमसे कहा कि अगर कोई उनसे मिलने आता है तो वह सभी पहलुओं को ध्यान में रखेंगे.
सावंत, देसाई और राजाभाऊ ने खुद को बताया उद्धव ठाकरे के वफादार
सावंत और देसाई के अलावा शिवसेना (UBT) नेता एवं सांसद राजाभाऊ वाजे ने घोषणा की है कि वह पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार हैं. बाकी छह सांसदों के बारे में माना जा रहा है कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. राउत ने बिरला से मुलाकात से कुछ समय पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि शिवसेना (UBT) के सांसदों को धन का प्रलोभन दिया जा रहा है. राउत ने कहा, मुझे बताया गया कि कीमत 50 करोड़ रुपये है और रात तक प्रत्येक सांसद को 15 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने थे. वे धन मिले बिना विमान में सवार होने को कथित तौर पर तैयार नहीं थे.
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र बीजेपी के नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा-ऑपरेशन टाइगर क्या है मुझे नहीं पता, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं
