Uniform Civil Code: उद्धव ठाकरे बोले- हम यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन करते हैं, लेकिन...

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, हम समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हैं, लेकिन जो लोग इसे ला रहे हैं उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि इससे केवल मुसलमानों को परेशानी होगी, बल्कि इससे हिंदुओं को भी परेशानी होगी और कई सवाल उठेंगे.

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दे दिया है. उन्होंने कहा, हम यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन करते हैं. लेकिन इससे सभी को परेशानी होगी.

Uniform Civil Code से केवल मुस्लिमों को नहीं बल्कि हिंदुओं को भी होगी परेशानी : उद्धव ठाकरे

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, हम समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हैं, लेकिन जो लोग इसे ला रहे हैं उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि इससे केवल मुसलमानों को परेशानी होगी, बल्कि इससे हिंदुओं को भी परेशानी होगी और कई सवाल उठेंगे.

गोवध पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक लगाना होगा प्रतिबंध

उद्धव ठाकरे ने कहा, गोवध पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्रतिबंध लगाना होगा. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर पर्रिकर का जिक्र करते हुए कहा, गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर खुद कहते थे कि अगर राज्य में गायों की कमी होगी तो हम उनका आयात करेंगे.

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समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहीं विपक्षी पार्टियां

समान नागरिक संहिता को लेकर विपक्ष ने भाजपा पर हताशा में विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया. कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विधि आयोग द्वारा समान नागरिक संहिता को लेकर उठाया गया नया कदम यह दर्शाता है कि मोदी सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने और ध्रुवीकरण के अपने एजेंडे को वैधानिक रूप से जायज ठहराने के लिए व्याकुल है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विधि आयोग को अपनी विरासत का ध्यान रखना चाहिए और यह भी याद रखना चाहिए कि देश के हित भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से अलग होते हैं.

समान नागरिक संहिता को लेकर विधि आयोग ने मांगे सुझाव

विधि आयोग ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा ‘समान नागरिक संहिता’ (यूसीसी) पर लोगों तथा मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों के सदस्यों सहित विभिन्न हितधारकों के विचार आमंत्रित कर नये सिरे से परामर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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