LPG Tankers Cross Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे दो टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण होने के बावजूद भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी है. बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि सिमी नाम का एलपीजी टैंकर 13 मई को होर्मुज पार कर गया. वहीं एनवी सनशाइन टैंकर ने भी गुरुवार को सुरक्षित रूप से यह समुद्री मार्ग पार कर लिया.
13 भारतीय जहाजों ने पार किया है होर्मुज
अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका-इजराइल हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह क्षेत्र कुछ समय के लिए प्रभावित रहा था, लेकिन अब तक कुल 13 भारतीय पोत इस मार्ग से गुजर चुके हैं. इनमें देश गरिमा, शिवालिक, ग्रीन सान्वी, नंदा देवी, पाइन गैस, एमवी सर्वशक्ति टैंकर शामिल हैं.
गुजरात और मंगलूर पहुंचेंगे एलपीजी टैंकर
मार्शल द्वीप के ध्वज वाला पोत सिमी करीब 19,965 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहा है और इसके 16 मई को कांडला पहुंचने की संभावना है. वहीं, वियतनाम ध्वज वाला एनवी सनशाइन संयुक्त अरब अमीरात की रुवैस रिफाइनरी से 46,427 टन एलपीजी लेकर चला है और इसके 18 मई को मैंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है. दोनों जहाजों में लदा एलपीड इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) का है.
हमले में भारतीय नौका डूबी
इसी बीच, भारत के ध्वज वाली मशीनी पाल नौका हाजी अली बुधवार ओमान के जलक्षेत्र में हमले का शिकार हो गई. हमले के बाद लकड़ी से बनी इस नौका में आग लग गई और बाद में यह समुद्र में डूब गई. यह नौका सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह जा रही थी.
चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित
मुकेश मंगल ने बताया कि नौका पर सवार चालक दल के सभी 14 सदस्यों को ओमान तटरक्षक बल ने सुरक्षित बचा लिया है. सभी लोगों को ओमान के डिब्बा बंदरगाह पहुंचाया गया है और उनकी हालत सुरक्षित बताई जा रही है. उन्होंने कहा कि चालक दल को जल्द भारत वापस लाने की तैयारी की जा रही है और इस संबंध में भारत सरकार ओमान प्रशासन और भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है.
पारंपरिक लकड़ी की नाव थी हाजी अली
अधिकारियों के मुताबिक डूबी हुई हाजी अली नौका 57 मीटर लंबी और 14 मीटर चौड़ी थी. यह लकड़ी से बनी पारंपरिक पाल नौका थी, जिसका इस्तेमाल हिंद महासागर क्षेत्र में लंबे समय से व्यापारिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है.
अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं कई जहाज
अधिकारियों के अनुसार मार्च की शुरुआत से अब तक 12 एलपीजी टैंकर और एक कच्चा तेल टैंकर सहित कुल 13 भारतीय जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं. हालांकि, खाड़ी क्षेत्र में अभी भी करीब 12 भारतीय पोत फंसे हुए हैं. इसके अलावा भारत के लिए माल लेकर जा रहे कई विदेशी जहाजों की आवाजाही भी क्षेत्रीय तनाव के कारण प्रभावित हुई है.
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