तीसरी बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे विजय, बहुमत का समर्थन पत्र सौंपेंगे

TVK Vijay : तमिलनाडु में सरकार गठन का रास्ता संभवत: साफ होता जा रहा है. कांग्रेस के बाद अब कम्युनिस्ट पार्टी और वीसीके ने टीवीके को अपना समर्थन देने की बात कह दी है. टीवीके कार्यालय में इस बात पर खुशियां भी मनाई जा रही हैं और विजय सरकार बनाने का दावा पेश भी करने वाले हैं.

TVK Vijay : तमिलनाडु में कम्युनिस्ट पार्टी और वीसीके शाम 5 बजे मीडिया के सामने यह घोषणा करने वाली हैं कि वे विजय के साथ हैं. जानकारी के अनुसार टीवीके नेता विजय उससे पहले राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे और सरकार बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे. टीवीके के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं था, जिसकी वजह से राज्यपाल ने अबतक विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं दिया था, लेकिन अब परिस्थिति बदल गई है.

कम्युनिस्ट पार्टी ने दिया समर्थन का वादा

कम्युनिस्ट पार्टी जिनके पास कुल 4 सीटें हैं, वे शुक्रवार शाम बैठक करने वाले हैं. बैठक के बाद वे मीडिया से बात करने वाले हैं हालांकि उन्हें मनाने के लिए टीवीके के नेता सीटीआर निर्मल कुमार कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यालय पहुंच चुके हैं और टीवीके नेता कामराज ने कहा है कि अभी टीवीके को पूर्ण बहुमत मिलना वाला है. विजय शाम 4.30 बजे गवर्नर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. हमें यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि CPI, CPI(M) और VCK ने सरकार बनाने के लिए विजय को समर्थन देने की बात मान ली है.

राज्यपाल भवन के बाहर प्रदर्शन

टीवीके नेता विजय अबतक दो बार राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण नहीं मिला है. इस बीच उनके समर्थक राज्यपाल भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. वे यह मांग कर रहे हैं कि राज्यपाल विजय को सरकार बनाने का निमंत्रण दें. विजय से गवर्नर ने 118 सदस्यों का समर्थन पत्र मांगा है. अब जबकि विजय तीसरी बार राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं, उम्मीद की जा रही है कि वे बहुमत का समर्थन पत्र देने पहुंचे हैं और जल्दी ही तमिलनाडु में विजय सरकार बना लेंगे.

ये भी पढ़ें : मणिशंकर अय्यर ने कहा-कांग्रेस-टीवीके गठबंधन अवसरवादी राजनीति का उदाहरण

क्या तमिलनाडु में सरकार बना पाएंगे विजय या फिर एआईएडीएमके के सहयोग से बनेगा कोई नया समीकरण?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >