Tribal Education: एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के संचालन में झारखंड, ओडिशा जैसे राज्य पीछे

आंध्र प्रदेश के लिए 28 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल 28 स्कूल खोलने को मंजूरी मिली और सभी स्कूल काम कर रहे हैं. इसी तरह बिहार में 3 में से 2, छत्तीसगढ़ में 75 में से 75, गुजरात में 47 में से 44, झारखंड में 91 में से 51,पश्चिम बंगाल में 9 में से 8, मध्य प्रदेश में 71 में से 63, ओडिशा में 111 में से 47 एकलव्य मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं.

Tribal Education: आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल योजना शुरू की गयी है. मौजूदा समय में देश में 723 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों को मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें 499 आवासीय स्कूल काम कर रहे हैं. इस स्कूल में 12वीं कक्षा तक की कक्षाओं वाले 480 छात्रों के पढ़ाने की सुविधा है और इसके लिए 31 शिक्षण पद और 21 गैर-शिक्षण पद स्वीकृत किए गए है. सरकार के आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक इन स्कूलों में 6605 नियमित शिक्षक और 1832 गैर-शिक्षण कर्मचारी काम करे रहे थे. प्रत्यक्ष भर्ती के अलावा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र समिति(एनईएसटीएस) ने राज्य सरकारों को प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारियों को नियुक्त करने की सलाह भी दी है. 


इसके अलावा राज्य एकलव्य स्कूलों में रिक्त पदों के लिए अतिथि शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग, स्थानीय नियुक्ति के आधार पर नियुक्त कर रही हैं, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बाधित नहीं हो. राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय आदिवासी मामलों के राज्य मंत्री ने यह जानकारी दी. अगर आवंटन की बात करें तो इस योजना के लिए वर्ष 2020-21 में 1200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया, जिसमें से 936.28 करोड़ रुपये खर्च हुआ. वर्ष 2021-22 में 1153 करोड़ आवंटित राशि में से 1322.78 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 1999.90 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ, जबकि खर्च 2014.95 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 2471.81 करोड़ रुपये में से 2446.24 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में 4748.92 करोड़ रुपये में से 4713.91 करोड़ रुपये खर्च हुआ. आंकड़ों से पता चलता है कि समय के साथ आवंटन बढ़ने के साथ ही खर्च होने वाली राशि में भी इजाफा हुआ है. 


किस राज्य की क्या है स्थिति

अगर राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश के लिए 28 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल 28 स्कूल खोलने को मंजूरी मिली और सभी स्कूल काम कर रहे हैं. इसी तरह अरुणाचल प्रदेश में 10 में से पांच स्कूल, असम में 17 में से 6, बिहार में 3 में से 2, छत्तीसगढ़ में 75 में से 75, गुजरात में 47 में से 44, झारखंड में 91 में से 51 एकलव्य मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल में 9 में से 8, मध्य प्रदेश में 71 में से 63, ओडिशा में 111 में से 47, राजस्थान में 31 में से 31, महाराष्ट्र में 39 में से 37 एकलव्य मॉडल स्कूल संचालित हो रहे हैं.इस योजना के मकसद आदिवासी बहुल क्षेत्र के कक्षा 6 से 12 वीं के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराना है. 

नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट द्वारा इन स्कूलों का संचालन किया जाता है. यह संस्था केंद्रीय जनजाति मंत्रालय के तहत काम करती है. इस योजना का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और शिक्षा के जरिये जनजातीय जीवन में बदलाव लाने के लिए सतत और प्रभावी शिक्षण वातावरण मुहैया कराना है.

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Published by: Vinay Tiwari

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