मालगाड़ी की चपेट में आने से 14 मजदूरों की मौत, घर जाने के लिए निकले थे, थककर पटरी पर ही सो गये

Karmad Aurangabad: महाराष्ट्र (maharashtra train accident) के औरंगाबाद (aurangabad train accident) में ट्रैक पर सोये प्रवासी मजदूरों के ऊपर से आज सुबह ट्रेन गुजर गयी. हादसे में करीब 14 मजदूरों की मौत होने की खबर है.

औरंगाबाद : महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में रेल की पटरियों पर सो रहे कम से कम 14 प्रवासी मजदूरों की शुक्रवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गयी. हादसे के संबंध में पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि करमाड पुलिस थाने के तहत आने वाले क्षेत्र में सुबह सवा पांच बजे हुई इस दुर्घटना में दो अन्य मजदूर घायल हो गये. करमाड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र के जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर अपने गृह राज्य मध्य प्रदेश लौट रहे थे.

उन्होंने बताया कि वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गये थे. जालना से आ रही मालगाड़ी पटरियों पर सो रहे इन मजदूरों पर चढ़ गयी. पुलिस अधिकारी संतोष खेतमलास ने बताया कि जालना में एक इस्पात फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर गत रात पैदल ही अपने गृह राज्य की ओर निकल पड़े थे. वे करमाड तक आये और थककर पटरियों पर सो गये. उन्होंने बताया कि इस हादसे में 14 मजूदरों की मौत हो गयी जबकि दो अन्य घायल हो गये. इस समूह के साथ चल रहे तीन मजदूर जीवित बच गये क्योंकि वे रेल की पटरियों से कुछ दूरी पर सो रहे थे.

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सुबह सवा पांच बजे हुआ हादसा

करमाड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे. उन्होंने बताया कि वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गये थे. अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. ‘पीटीआई-भाषा’ के अनुसार हादसे में 14 लोगों की जान गयी है.

सभी मजदूर एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे

टीवी रिपोर्ट के अनुसार सभी मजदूर एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे. बदनापुर और करमाड के बीच हादसा हुआ है. सभी मजदूर औरंगाबाद से गांव जानेवाली ट्रेन पकड़ने के लिए जालना से औरंगाबाद पैदल ही जा रहे थे. चलते चलते रात अधिक हो गयी जिसके कारण सभी ने सटाना शिवार इलाके में पटरी पर ही अपना बिस्तर जमा लिया. सुबह इसी पटरी से एक माल गाड़ी गुजरी और 14 मजदूर इसकी चपेट में आ गये.

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नींद में थे सभी मजदूर

बताया जा रहा है कि प्रवासी मजदूर रेल की पटरियों पर सोये थे. वे नींद में थे जब मालगाड़ी उस रूट से निकली. नींद में होने के कारण उन्हें जरा भी संभलने का मौका नहीं मिला. सभी मजदूरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड दिया. खबरों की मानें तो इनमें कुछ बच्चे भी थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट किया- महाराष्ट्र के औरंगाबाद रेल दुर्घटना की खबर से मन दुखी है. मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है. वह इसपर पैनी नजर रखे हुए हैं.


लोको पायलट ने ट्रेन रोकने की कोशिश की

रेल मंत्रालय ने बताया कि सुबह-सुबह पटरी पर मजदूरों को देखकर मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन रोकने की कोशिश की लेकिन दुर्भाग्य से ट्रेन उनके ऊपर से निकल गयी. घायलों को औरंगाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं.


रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा

औरंगाबाद रेल हादसे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहत कार्य जारी है और जांच के आदेश दे दिये गये हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि आज 5:22 AM पर नांदेड़ डिवीजन के बदनापुर व करमाड स्टेशन के बीच सोये हुए श्रमिकों के मालगाड़ी के नीचे आने का दुखद समाचार मिला. राहत कार्य जारी है, व इन्क्वायरी के आदेश दिये गए हैं। दिवंगत आत्माओं की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता हूं.


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया

आज सुबह औरंगाबाद करमाड रेलवे स्टेशन के पास हुए हादसे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताया है. उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से फोन पर चर्चा कर हादसे की जांच और मृतक मजदूरों के परिवारों की सहायता करने की मांग की. मुख्यमंत्री ने मृतक मजदूरों के परिवार को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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