कर्नाटक में 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में चौथी सीट के मुकाबले में कांग्रेस और जेडीएस (Congress and JDS) के बीच बातचीत अटक गई है. एएनआई से पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि जेडीएस के पास 32 विधायक हैं, ऐसे में मै अपने उम्मीदवार को कैसे वापस ले सकता हूं. कांग्रेस हमारे विधायकों से संपर्क कर रही है, वे हमारे विधायकों को अस्थिर करना चाहती है. उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस वास्तव में कर्नाटक को बदलना चाहती है तो भाजपा को हराने के बारे में सोचे.
कांग्रेस और जेडीएस अपने रुख पर कायम
जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी (HD Kumaraswamy) ने कांग्रेस के साथ दूसरी वरीयता के मतों को लेकर पेशकश की थी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल ने बुधवार को क्षेत्रीय पार्टी को स्पष्ट कर दिया कि अब समय आ गया है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री के लिए पिछली बार दिए गए समर्थन का बदला चुकाए. बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा पिछली बार जून 2020 में कांग्रेस के समर्थन से राज्यसभा के लिए चुने गए थे.
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राज्यसभा की चौथी सीट के लिए मुकाबला
कर्नाटक की चार सीट के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चौथी सीट के लिए मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है. राज्य विधानसभा से चौथी सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या में वोट नहीं होने के बावजूद, राज्य के तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों- भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस ने इस सीट के लिए उम्मीदवार खड़े किए हैं, जिससे चुनाव कराने की जरूरत पड़ी है. कुमारस्वामी ने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में भाजपा को हराना चाहती है, तो हमने पहले ही दूसरे अधिमान्य मतों को एक-दूसरे को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव दिया है.
कांग्रेस ने जेडीएस विधायकों को लिखा पत्र
वहीं, कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मंसूर अली खान का समर्थन करने के लिए जेडीएस विधायकों को पत्र लिखा है. इससे पहले उन्होंने कहा, कांग्रेस ने पहले अपना दूसरा उम्मीदवार को उतारा था, जेडीएस को अपने उम्मीदवार को हटाना चाहिए और अपने विधायकों को कांग्रेस के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए कहना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब देवगौड़ा ने पिछली बार 2020 राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ा था, तब हमने उम्मीदवार नहीं उतारा था. हमने कुमारस्वामी को भी मुख्यमंत्री बनाया था. अब, अगर जेडीएस वास्तव में भाजपा को हराना चाहते हैं तो कांग्रेस का समर्थन करें.
45 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता
राज्य में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 45 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, और विधानसभा में अपनी संख्या के आधार पर, भाजपा दो तथा कांग्रेस एक सीट जीत सकती है. विधानसभा में दो राज्यसभा उम्मीदवारों (सीतारामण और जग्गेश) को अपने दम पर निर्वाचित कराने के बाद, भाजपा के पास अतिरिक्त 32 विधायकों के वोट बचे रहेंगे. जयराम रमेश को चुनने के बाद कांग्रेस के पास 24 विधायकों के वोट बचे रहेंगे, जबकि जेडीएस के पास केवल 32 विधायक हैं, जो एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त नहीं है. मतों की गिनती 10 जून को मतदान के बाद शाम पांच बजे होगी.
