Aaj Ka Mausam : सितंबर के पहले हफ्ते में मानसून का असर अभी कमजोर नहीं पड़ा है. 6 सितंबर (रविवार) को देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. कई जगह गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है.
मौसम में इस बदलाव के पीछे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अहम है. IMD के मुताबिक इससे जुड़ा चक्रवाती सर्कुलेशन करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और अगले दो दिनों में इसके पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा मानसून ट्रफ भी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वोत्तर तक सक्रिय है.
6 सितंबर को कहां-कहां भारी बारिश?
IMD ने 6 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. यानी उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक कई इलाके बारिश की चपेट में रहेंगे.
उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी
उत्तराखंड के लिए अगले कुछ दिन खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं. IMD के मुताबिक 5 से 7 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश हो सकती है और बारिश के साथ गरज-चमक भी बनी रह सकती है. इतना ही नहीं, उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक कई जगह बारिश जारी रहने का अनुमान है.
पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है. IMD ने 6 सितंबर सुबह तक उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और उत्तरकाशी में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क की संभावना भी बताई है.
UP में पूर्वी हिस्सों पर ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर को खास तौर पर पूर्वी यूपी में बारिश का जोर रह सकता है. IMD ने 5 से 8 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं पश्चिमी यूपी में बारिश का असर धीरे-धीरे कम होने के आसार हैं.
MP में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में भी 6 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा. IMD के अनुसार मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 5-8 सितंबर तक भारी बारिश का दौर बना रह सकता है.
इससे पहले 5 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. शिवपुरी के बैराड़ में 15 सेंटीमीटर, पोहरी में 14 सेंटीमीटर और शिवपुरी में 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई.
बिहार में भी बारिश और गरज-चमक
बिहार में रविवार को भी बारिश का असर बना रहेगा. IMD ने राज्य में भारी बारिश की संभावना जताई है. बिहार में 5 से 7 सितंबर तक कई जगह बारिश और गरज-चमक की स्थिति रहने का अनुमान है. 5 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज की गई.
बंगाल और सिक्किम में भी बरसेंगे बादल
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 6 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. IMD के मुताबिक इन इलाकों में 5 से 11 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है. गंगीय पश्चिम बंगाल में भी आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है.
North-East में मानसून रहेगा एक्टिव
पूर्वोत्तर भारत में भी 6 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश हो सकती है. इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है. IMD ने पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में 5 से 11 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है.
दिल्ली में 6 सितंबर को बारिश से राहत
दिल्ली-NCR में 6 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 6 सितंबर को IMD के दिल्ली पूर्वानुमान में बारिश नहीं है. राजधानी में 6 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. यानी रविवार की बारिश के बाद सोमवार को दिल्ली के मौसम में कुछ राहत मिल सकती है.
6 सितंबर का मौसम एक नजर में
| इलाका | 6 सितंबर को मौसम |
| उत्तराखंड | 🌧️ भारी बारिश की संभावना |
| पूर्वी यूपी | 🌧️ भारी बारिश |
| मध्य प्रदेश | 🌧️ भारी बारिश संभव |
| बिहार | 🌧️ भारी बारिश |
| सिक्किम-उप हिमालयी बंगाल | 🌧️ भारी बारिश |
| असम-मेघालय | 🌧️ भारी बारिश |
| अरुणाचल प्रदेश | ⛈️ बारिश, गरज-चमक |
| नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा | 🌧️ भारी बारिश |
| दिल्ली-NCR | ☁️ आंशिक बादल, बारिश की संभावना नहीं |
मौसम बिगड़े तो रहें सावधान
IMD के मुताबिक भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है. गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए. खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखनी चाहिए.
