कर्नाटक में अक्टूबर में आयेगी कोरोना की तीसरी लहर, युवा वर्ग पर सबसे ज्यादा है खतरा

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है. प्रतिदिन कोरोना के नये मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी से लोग दहशत में हैं. लगातार बढ़ते मरीजों के चलते स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई है. फिलहाल, कोरोना का कहर थमता नहीं दिख रहा है. देश में शनिवार को पहली बार रिकॉर्ड 4 लाख से अधिक नये कोरोना मरीज मिले हैं और 3,523 की जान चली गई है.

  • “कू” एप पर चल रहा है अनोखा मिशन कैसे करें संक्रमण से बचाव

  • 45 साल से नीचे के लोगों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा

  • दूसरी वेब मई में होगी पीक पर, जुलाई में कम हो सकता है असर

नयी दिल्ली : देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है. प्रतिदिन कोरोना के नये मरीजों और कोविड से होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी से लोग दहशत में हैं. लगातार बढ़ते मरीजों के चलते स्वास्थ्य प्रणाली चरमरा गई है. फिलहाल, कोरोना का कहर थमता नहीं दिख रहा है. देश में शनिवार को पहली बार रिकॉर्ड 4 लाख से अधिक नये कोरोना मरीज मिले हैं और 3,523 की जान चली गई है.

वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक सबसे ज्यादा कोविड ग्रस्त राज्य बन चुका है. यहां एक्टिव केस 382690 हैं. ऐसे में कर्नाटक के लिए अब एक और चिंताजनक खबर है. कर्नाटक की टेक्निकल एडवाइजरी कमिटी (टीएसी) ने राज्य में अब तीसरे वेव को लेकर चेताया है. टीएसी का कहना है कि अक्टूबर-नवंबर महीने में राज्य में तीसरी वेव देखने को मिल सकती है. वहीं दूसरी वेव मई में पीक पर जाकर जुलाई तक कम होती दिखेगी. जिसके बाद अक्टूबर में तीसरी वेव का उछाल देखने को मिलेगी.

टीएसी का यह भी कहना है कि इस तीसरी वेव में सबसे ज्यादा युवाओं को प्रभावित करेगी. क्योंकि उस वक्त तक उनका वैक्सीनेशन नहीं हो सकेगा. जिन लोगों का वैक्सीनेशन लग चुका होगा खास कर बुजुर्ग वर्ग वो सुरक्षित होंगे. वहीं 18+ के नीचे के आयु वाले लोगों के लिए यह खतरा और भी ज्यादा होगा.

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इस पूरे मामले पर “कू” पर हार्ट केयर फाउंडेशन के डॉ के के अग्रवाल लगातार युवा वर्ग को सलाह दे रहे हैं कि वो अपने मानसिक संतुलन के साथ-साथ ब्लड प्रेशर (बीपी) को 5 मिलीमीटर से कम रखे क्योंकि आगे आने वाले समय में कोरोना से ज्यादा गंभीर है हार्ट अटैक और लकवा जैसी बीमारियां.

इस पूरी मामले पर युवा वर्ग को “कू” ऐप के जरिये जागरूक करने के लिए जन कल्याण मिथिला सेवा भी अपनी तरफ से पूरा समर्थन देते हुए रक्त दान करने के बारे में भी पूरी जानकारी दे रही है. जैसे की आप जानते हैं किअब 18+ उम्र के लोगों को भी रक्त दान तब ही कर सकते है जब तक उन्हें पूरे 60 दिन न हो चुके वैक्सीन लेने के बाद या फिर वैक्सीन लेने से पहले रक्तदान करना सही होगा.

साथ ही साथ अब्दुल कलाम फाउंडेशन भी COVID Buddy के नाम से एक मुहीम चला रही है, जहां लोग अपने सवाल पूछ रहे है और उनको समाधान कुछ मिनटों में मिल रहा है. हाल ही में स्वस्थ मंत्री डॉ हर्ष वर्धन और स्वास्थ मंत्रालय ने भी कू पर अपना खाता खोल लिया है और पूरा सहयोग करते नजर आ रहे हैं.

Posted By: Amlesh Nandan.

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