'सीमा पर आतंकवादी सैनिकों को मार रहे और हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रहे', ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला

ओवैसी ने कहा, ये पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादी आ रहे हैं और हमारे कश्मीरी पंडितों, नागरिकों और हमारे सैनिकों को मार रहे हैं। क्या हम अहमदाबाद के उस स्टेडियम में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलेंगे जिसका नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर है?

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ‘कोकेरनाग हमले’ की निंदा की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जारी आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि वह भारतीय सैनिकों की हत्याओं पर ‘चुप’ क्यों हैं.

पीएम मोदी ने दावा किया था, अनुच्छेद- 370 को हटा दिया और आतंकवादी खत्म हो जाएगा, यह कहां खत्म हुआ?

ओवैसी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म होने का दावा करने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार को अब जवाब देना चाहिए कि यह कहां खत्म हुआ? ओवैसी ने कहा, मैं इस घटना की निंदा करता हूं. मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि जब पुलवामा हमला हुआ था. हमारे प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गुस्सा और पीड़ा व्यक्त की थी. अब वह बिल्कुल ठंडे और चुप बैठ गए हैं. ऐसा कैसे हो सकता है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि उन्होंने अनुच्छेद- 370 को हटा दिया और आतंकवादी खत्म हो जाएगा. यह कहां खत्म हुआ? पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने एक कर्नल, मेजर और एक पुलिस उपाधीक्षक की हत्या कर दी और अभी भी यह अभियान जारी है.

सीमा पर आतंकवादी सैनिकों को मार रहे और हम पाकिस्तान से क्रिकेट खेल रहे

ओवैसी ने कहा, ये पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादी आ रहे हैं और हमारे कश्मीरी पंडितों, नागरिकों और हमारे सैनिकों को मार रहे हैं। क्या हम अहमदाबाद के उस स्टेडियम में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलेंगे जिसका नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर है? ओवैसी ने कहा कि 2020 में भारत-चीन सीमा संघर्ष के दौरान गलवान में तेलंगाना के एक सहित 20 सैनिक मारे गए थे और प्रधानमंत्री इसे लेकर कुछ नहीं करेंगे.

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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में तीन जवान शहीद हुए थे

गौरतलब है कि आतंकवादियों के साथ बुधवार सुबह मुठभेड़ में सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स इकाई के कमांडिंग अधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष ढोचक, जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट्ट और सेना का एक अन्य जवान शहीद हो गए थे.

पाकिस्तान को अपने पापों की भारी कीमत चुकानी होगी : रवींद्र रैना

एक ओर जम्मू-कश्मीर मुठभेड़ में तीन जवानों की शहादत पर विपक्ष मोदी सरकार पर हमला कर रही है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान कश्मीर को कब्रिस्तान में तब्दील कर देना चाहता है, लेकिन पड़ोसी देश आंतकवादी गतिविधियों को अगर प्रयोजित करने से बाज नहीं आता है तो उसे अपने किये पापों की भारी कीमत चुकानी होगी. रैना ने कहा, शांति, मानवता और कश्मीर के दुश्मनों ने एक बार फिर घाटी में खून बहाया है. कुछ लोग कश्मीर में शांति और खुशी नहीं चाहते हैं. वह अनंतनाग जिले में बुधवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में प्राण गंवाने वाले जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे. रैना ने कहा, जो हुआ है उसपर हमें अफसोस है।हमारे बहादुर जवानों ने अपने लोगों और अपने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण दिए हैं. जिन लोगों ने ये पाप किए हैं उन्हें उनकी करनी की सजा मिलेगी.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए. इस बारे में पूछे जाने पर रैना ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री को गारंटी देनी चाहिए कि अगर वार्ता बहाल होती है तो पड़ोसी देश आतंकवाद को प्रयोजित करना बंद कर देगा. उन्होंने कहा, भारत ने हमेशा दुनिया के सभी देशों से बातचीत की है. लेकिन कौन गांरटी देगा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू होने से यह आतंकवाद बंद हो जाएगा? क्या अब्दुल्ला गारंटी देंगे कि वार्ता शुरू होने के बाद पाकिस्तान आतंकवाद बंद कर देगा?

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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