Tawang Clash: चीन सीमा पर ढांचागत विकास में तेजी ला रहा BRO, भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत

Tawang Clash: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा सड़क संगठन सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचागत विकास कार्यों में तेजी से जुटा है. इससे भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा.

By Samir Kumar | December 20, 2022 7:23 AM

Tawang Clash: अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच सीमा सड़क संगठन (BRO) सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचागत विकास कार्यों में तेजी से जुटा है. इससे भारतीय सेना की ताकत में इजाफा होगा. दरअसल, इस निर्माण कार्य के पूरा होने के साथ ही किसी भी हालात से निपटने के लिए दुर्गम से दुर्गम स्थानों पर भारतीय सेना के जवान आसानी से पहुंचकर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में कामयाब हो सकेंगे.

ऊंचाई पर किया जा रहा सड़क का निर्माण

बताते चलें कि केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के सभी सीमावर्ती गांवों को अच्छी संपर्क सड़कों से जोड़ने की योजना बनाई है. इसके अलावा, बीआरओ अरुणाचल प्रदेश के तवांग और पश्चिम कमेंग जिलों में दो महत्वपूर्ण सुरंगों का निर्माण कार्य कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय सुरक्षा बलों के लिए गेम चेंजर बन जाएगा. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट वर्तक के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर रमन कुमार ने बताया कि बीआरओ ये सभी कार्य प्रोजेक्ट वर्तक के तहत कर रहा है. उन्होंने बताया कि 5700 फीट की ऊंचाई पर नेचिपु सुरंग का निर्माण बालीपारा-चारदुआर-तवांग (BCT) सड़क मार्ग पर किया जा रहा है, जो 500 मीटर लंबी डी-आकार, सिंगल ट्यूब डबल लेन सुरंग है.


जानिए कब पूरा होगा सुरंग का निर्माण कार्य

प्रोजेक्ट वर्तक के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर रमन कुमार ने बताया पश्चिम कामेंग जिले में सेला दर्रा सुरंग का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है और अगले 5-6 महीनों में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा. वहीं, रक्षा मंत्रालय इस सप्ताह के अंत में होने वाली बैठक में चीन सीमा पर हल्के टैंकों की तैनाती से संबधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव लाएगा. सरकारी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में मेक इन इंडिया के तहत 354 टैंक खरीदने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी. भारतीय सेना ने अपने फ्यूचर लाइट वेट टैंक के लिए स्पेसिफिकेशंस जारी किए हैं जिसे जोरावर नाम दिया गया है.

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