Pawan Khera : पवन खेड़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बाबा साहेब का संविधान किसी भी आम नागरिक की रक्षा के लिए तब आता है जब कोई भी सरकार उसके अधिकारों का उल्लंघन करती है. उन्होंने कहा कि जब भी हम लड़ाई के मैदान से जाते हैं, तो हम छिपते नहीं हैं बल्कि अगली लड़ाई की तैयारी करते हैं.
पवन खेड़ा को किस मामले में मिली बेल?
पवन खेड़ा का मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ा हुआ है, लेकिन बाद में यह मानहानि और फर्जी जानकारी फैलाने के केस में बदल गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल पवन खेड़ा को राहत दी है,लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी. पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर यह आरोप लगाया था कि उनके पास कई देशों के पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति हैं.इस आरोपों के बाद विवाद शुरू हुआ और पवन खेड़ा पर एफआईआर दर्ज कराया गया, जिसमें मानहानि और फर्जी जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया. इसी केस में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पवन खेड़ा ने अग्रिम जमानत की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी, जिसमें उन्हें राहत मिल गई.
विधानसभा चुनावों में निर्णायक जनादेश आएगा
पवन खेड़ा ने मीडया से बात करते हुए कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि ज़ुल्मी सरकारों के खिलाफ एक निर्णायक जनादेश आ रहा है.वे भूल जाते हैं कि 2008-2009 में आडवाणी जी ने चुनाव आयोग के बारे में क्या कहा था. वे खुद भूल जाते हैं कि उन्होंने चुनाव आयोग से क्या सवाल पूछे थे और हमने उनका जवाब दिया.उस समय का चुनाव आयोग और आज का चुनाव आयोग, उस समय की सरकार और आज की सरकार, कोई तुलना मुमकिन नहीं है.
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