International Bharati Festival : सुब्रह्मण्य भारती यह चाहते थे कि महिलाएं समाज में सिर ऊंचा करके चलें और लोगों की आंखों में आंखें डालकर आत्मविश्वास के साथ बात करें. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंटरनेशनल भारती फेस्टिवल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए कही.
पीएम मोदी ने कहा कि सुब्रह्मण्य भारती के व्यक्तित्व को परिभाषित करना बहुत मुश्किल है. उन्हें किसी एक पेशे से बांधकर नहीं देखा जा सकता है. उनके व्यक्तित्व में कवि, लेखक, संपादक, पत्रकार, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी, मानवतावादी के गुण थे. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे.
सुब्रह्मण्य भारती के विजन और शख्सीयत से हम प्रेरणा लेते हैं और महिला सशक्तीकरण के कार्यों को बल देते हैं. उनका मानना था कि जो समाज बंटा हुआ है वह कभी सफल नहीं हो सकता है. उन्होंने राजनीतिक स्वतंत्रता पर भी जोर दिया था.
आज हमारे देश में महिलाएं सेना का हिस्सा हैं. उनकी नियुक्ति स्थायी कमीशन पर हो रही है. यह महिला सशक्तीकरण की ओर एक कदम है.
Posted By : Rajneesh Anand
