CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाने के प्रस्ताव पर छात्रों की आपत्ति, यूनिवर्सिटी को लिखा ई-मेल

दीक्षांत समारोह में भारत के CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर छात्रों ने आपत्ति जताई है. छात्रों ने विश्वविद्यालय को ई-मेल भेजकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं.

NALSAR Convocation: हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी (NALSAR University of Law) के कुछ छात्रों ने आगामी दीक्षांत समारोह में भारत के सीजेआई (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार छात्रों ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और शिक्षकों को ई-मेल भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है.

23 जुलाई को भेजा गया ई-मेल

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 बैच के कुछ छात्रों ने 23 जुलाई को भेजे गए ई-मेल में कहा कि उनकी चिंता उस घटनाक्रम से जुड़ी है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए शांतिपूर्ण 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित ज्यादती से संबंधित याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति नहीं दी थी.

छात्रों का कहना है कि वे दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के मूल्यों और मुख्य अतिथि के चयन के बीच सामंजस्य देखना चाहते हैं. उनका मानना है कि इस विषय पर उनकी आपत्तियों पर औपचारिक निर्णय से पहले विचार किया जाना चाहिए.

'विश्वविद्यालय के मूल्यों के अनुरूप हो चयन'

ई-मेल में छात्रों ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह विश्वविद्यालय के उन मूल्यों का भी प्रतीक होता है, जिनमें संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता, न्याय तक समान पहुंच और शिकायतों पर निष्पक्ष एवं तर्कसंगत विचार शामिल हैं.

छात्रों ने यह भी कहा कि हाल की सार्वजनिक घटनाओं को देखते हुए ऐसे व्यक्ति से डिग्री प्राप्त करना, जिनके आचरण को लेकर सवाल उठे हैं, उन्हें असहज महसूस कराता है और यह उन्हें विश्वविद्यालय में सिखाए गए मूल्यों के अनुरूप नहीं लगता.

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कथित टिप्पणी का भी किया उल्लेख

रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रों ने अपने ई-मेल में उस कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया कि जब याचिकाकर्ता के वकील ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के वीडियो साक्ष्य दिखाने की पेशकश की, तब प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कथित तौर पर कहा कि वह वीडियो देखने में रुचि नहीं रखती. हालांकि सीजेआई ने इसका बाद में खंडन किया था.

'चलो संसद' प्रदर्शन का भी किया जिक्र

छात्रों ने लिखा कि संसद तक निकाला गया शांतिपूर्ण मार्च कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किया गया था।.प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने नीट परीक्षा के संचालन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे मुद्दे उठाए थे.

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विश्वविद्यालय से की पुनर्विचार की मांग

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया है कि वह दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के चयन पर गंभीरता से पुनर्विचार करे और अंतिम निर्णय लेने या निमंत्रण भेजने से पहले स्नातक बैच के छात्रों से भी परामर्श करे.

पीटीआई के अनुसार, इस मामले में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन तत्काल कोई जवाब नहीं मिला. वहीं, एक छात्र ने रविवार को बताया कि ई-मेल भेजे जाने के बाद भी उन्हें प्रशासन की ओर से अब तक कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ है.


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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता 'प्रभात खबर डिजिटल' में कंटेंट राइटर हैं. इससे पहले वे 'ईटीवी भारत' में करीब ढाई साल तक कार्यरत रहे. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 2021 से वे पत्रकारिता से जुड़े हैं और इस दौरान 'न्यूज प्लस', 'अंतर्कथा विजन न्यूज' और 'पब्लिक ऐप' के साथ भी काम कर चुके हैं.

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