Sonam Wangchuk High Court Decisions: सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा- उनके पति को जिस तरह से सफदरगंज अस्पताल लाया गया था, उसके कारण हमें भरोसा नहीं हो रहा था. उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनकी सेहत की निगरानी जंतर-मंतर पर भी की जा सकती थी. यह एक तरह की नजरबंदी जैसा था ताकि वह बाहर के लोगों से संपर्क न कर सकें. उनकी सेहत से जुड़ी बातें जानलेवा नहीं हैं. सरकार से ज्यादा चिंता हमें उनकी सेहत की है.
सफदरजंग अस्पताल में नजरबंदी और कैद जैसा महसूस हुआ : गीतांजलि
गीतांजलि ने कहा- "सोनम ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है, ताकि वे उन छात्रों के साथ एकजुटता दिखा सकें जिनकी कल पिटाई हुई थी. सफदरजंग अस्पताल आए कई सांसदों को उनसे मिलने नहीं दिया गया. डॉ लांबा और डॉ दिघे, जो पिछले 20 दिनों से उनका इलाज कर रहे थे, ने आज कोर्ट को बताया कि इलाज करने वाले डॉक्टर को भी मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था. हमें उस अस्पताल में नजरबंदी और कैद जैसा महसूस हुआ. लंच के बाद, एक लिखित आदेश दिया जाएगा, फिर हम उन्हें मेदांता ले जाएंगे."
दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक को मेदांता में शिफ्ट करने का दिया सुझाव
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को पत्नी गीतांजलि की याचिका पर सुनवाई करते हुए, सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का सुझाव दिया. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- वांगचुक को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं.
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