सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी

पिछले 21 दिनों से (18 जुलाई को 21वां दिन था) भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ती जा रही है. डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण हैं. उन्हें तुरंत ड्रिप और इलेक्ट्रोलाइट देने की जरूरत है, ताकि कोई गंभीर दिक्कत न हो. हालांकि, बार-बार समझाने के बावजूद वांगचुक और उनके परिवार ने इलाज के लिए अब तक सहमति नहीं दी है.

सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार रात (18 जुलाई) करीब 9 बजे जारी बयान में कहा कि सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं. उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है. लेकिन लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिख रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत बिगड़ने से रोकने के लिए तुरंत मुंह या नस के जरिए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट देना जरूरी है.

दिल्ली पुलिस शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई. वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं. वह नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं. उनके स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची.

स्पेशल डॉक्टर ने भी सोनम वांगचुक की जांच की

दिल्ली एम्स के एक स्पेशल डॉक्टर ने भी सोनम वांगचुक की जांच की. उन्होंने सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की राय से सहमति जताई और कहा कि वांगचुक को बिना देरी किए तरल पदार्थ (फ्लूइड) और इलेक्ट्रोलाइट देना जरूरी है, ताकि उनकी तबीयत और न बिगड़े. सफदरजंग अस्पताल ने बताया कि एम्स के एक डॉक्टर को भी सोनम वांगचुक का इलाज कर रही टीम में शामिल किया गया है. यह डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज और दूसरी जरूरी मदद उपलब्ध कराएंगे.

ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत

सोनम वांगचुक के परिवार ने भी नहीं दी इलाज के लिए सहमति

अस्पताल ने बताया कि डॉक्टरों और स्पेशल एक्सपर्ट ने कई बार सोनम वांगचुक को इलाज कराने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने ड्रिप, ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) और दूसरी दवाएं लेने से इनकार कर दिया. अस्पताल के मुताबिक, उनके परिवार ने भी अब तक इलाज के लिए अपनी सहमति नहीं दी है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >