CJP प्रदर्शन के बीच वांगचुक ने रखी अनशन खत्म करने की नई शर्त, कहा- युवाओं को सांसदों से मिलने दो या...

Sonam Wangchuk Hunger Strike: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की नई शर्त रख दी है. उन्होंने हाथ से लिखे पत्र को एक्स पर शेयर किया और कहा- मांगें पूरी होने तक अपना अनशन जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि संसद चलो मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा है.

Sonam Wangchuk Hunger Strike: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, "शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस बेरहमी से बर्ताव किया जा रहा है, उसे देखते हुए मैंने फैसला किया है कि मैं अपना अनशन तब तक जारी रखूंगा जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती, या मुझे उनसे यहीं अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती."

संसद के सामने छात्रों को अपनी शिकायतें रखने की इजाजत देकर इस मुद्दे को सुलझाएं : वांगचुक

वांगचुक ने कहा- "उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी. मैं सरकार और पुलिस बल से अपील करता हूं कि वे छात्रों को आज या कल संसद के सामने अपनी शिकायतें रखने की इजाजत देकर इस मुद्दे को सुलझाएं. मुझे यकीन है कि युवा प्रदर्शनकारी कल भी वैसा ही धैर्य और सहनशीलता दिखाएंगे जैसा उन्होंने आज दिखाया है."


वांगचुक की पत्नी का दावा, 5 किलोमीटर के दायरे में मौजूद हैं 25 लाख से ज्यादा युवा

इधर संसद मार्च में शामिल सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ गीतांजलि आंग्मो ने कहा, "यह एक ऐसा आंदोलन है जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है. यहां पूरे देश से लोग आए हैं और 5 किलोमीटर के दायरे में 25 लाख से ज्यादा युवा मौजूद हैं. पुलिस और सरकार हालात को काबू में करने के लिए सिर्फ झूठ का सहारा ले रही हैं. वे बस लाठीचार्ज कर रहे हैं, अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं. वे अब कह रहे हैं कि विरोध खत्म हो गया है, वापस चले जाओ. सरकार ने आज मेट्रो, उबर और बाकी सब कुछ बंद करने की कोशिश की. मैंने डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर देखा कि कितने सारे लोग आए हैं. यह सरकार के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए कि भविष्य में ताकत और जोर-जबरदस्ती से काम नहीं चलेगा. अब इसका समाधान निकालना होगा और इस पर ध्यान देना होगा. वे सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप का खेल नहीं खेल सकते और झूठ का सहारा नहीं ले सकते. वे हर चीज के बारे में जानकारी छिपाते रहे हैं. यह उनके लिए एक चेतावनी है कि वे जो करते आ रहे हैं, उसे जारी नहीं रख सकते. 12 साल पहले सभी ने उन्हें इस उम्मीद के साथ सत्ता में चुना था कि वे भारत को सुपरपावर और विकसित देश बनाएंगे, लेकिन वे बुरी तरह नाकाम रहे हैं."

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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