Somnath Temple 1000 Years: पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, ड्रोन शो में हुए शामिल

Somnath Temple 1000 Years: पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है, जो आस्था और भारत के इतिहास के 1000 साल पूरे होने का प्रतीक है.

By ArbindKumar Mishra | January 10, 2026 9:01 PM

Somnath Temple 1000 Years: सोमनाथ पहुंचने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया और लिखा, सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, जो हमारी सभ्यतागत हिम्मत का गौरवशाली प्रतीक है. यह दौरा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हुआ है, जब पूरा देश 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के हज़ार साल पूरे होने पर एक साथ आया है. लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभारी हूं.

पीएम मोदी ने ड्रोन शो में हुए शामिल

पीएम नरेंद्र मोदी, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मौके पर आयोजित ड्रोन शो में शामिल हुए.

ॐकार मंत्र के जाप में पीएम मोदी ने लिया हिस्सा

मोदी ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत सोमनाथ मंदिर में ॐकार मंत्र के जाप में भाग लिया. 72 घंटे तक चलने वाले ओम मंत्रोच्चार के बीच सोमनाथ मंदिर के ऊपर रात का आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा.

पीएम मोदी रविवार को शौर्य यात्रा में लेंगे हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सुबह लगभग 9:45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित एक औपचारिक जुलूस है. शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा. इस कार्यक्रम को लेकर DIG राजेंदर सिंह ने कहा, 11 जनवरी को एक शौर्य यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गुजरात पुलिस के 108 घोड़े हिस्सा लेंगे. यह गुजरात पुलिस के लिए गर्व की बात है, खासकर जब प्रधानमंत्री खुद इस मौके पर मौजूद रहेंगे. पीएम मोदी सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर सुबह 11 बजे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे.

महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर किया था हमला

महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके 1000 वर्ष पूरे होने पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है. सदियों से नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है, यह सब मंदिर की प्राचीन महिमा को बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है.