विमानन कंपनी गो फर्स्ट के एक विमान को गलत स्मोक अलार्म (धुआं संबंधी चेतावनी) के कारण शुक्रवार को उड़ान के बीच कोयंबटूर हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा. आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु से माले जा रहे इस विमान में 92 यात्री सवार थे. उन्होंने बताया कि विमान के दोनों इंजन कथित रूप से गर्म हो गए थे, इसलिए स्मोक अलार्म सक्रिय हो गया.
जांच में जुटी इंजीनियरिंग टीम
बताया जा रहा है कि इंजीनियरों ने इंजनों की पड़ताल करने के बाद बताया कि अलार्म में कुछ गड़बड़ी थी और विमान उड़ान भरने के लिए बिलकुल सही स्थिति में है. सूत्रों ने बताया कि पड़ताल के बाद विमान अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया. घटना के बारे में सवाल करने पर गो फर्स्ट के प्रवक्ता ने बताया, गो फर्स्ट की इंजीनियरिंग टीम मामले की पड़ताल कर रही है, इसका समाधान किया जा रहा है.
एक साल में 478 विमानों में तकनीकी खराबी के मामले
जानकारी हो की पिछले एक साल में 478 विमानों में तकनीकी खराबी के मामले सामने आए है. इस संबंध में सरकार ने संसद में बताया था कि पिछले साल यानी एक जुलाई से इस साल 30 जून के बीच विमानों में तकनीकी खराबी के कुल 478 मामले सामने आए है. नागर विमानन राज्यमंत्री वी के सिंह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा में यह जानकारी दी थी.
एयर इंडिया में 184 तकनीकी खराबी के मामले
पिछले एक साल में एयर इंडिया के विमानों में तकनीकी खराबी के 184 मामले सामने आए जबकि इंडिगो के विमानों में 98 और स्पाइस जेट के विमानों में 77 ऐसे मामले सामने आए हैं. जानकारी के अनुसार गो एयर में ऐसे मामलों की संख्या 50 थी जबकि विस्तारा में 40, एयर एशिया में 14 तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस में 10 रही.
जानें सरकार ने संसद में क्या कहा
एक सवाल के जवाब में नागर विमानन राज्यमंत्री ने कहा था कि विमानों में लगे उपकरणों में खराबी के कारण, तकनीकी कठिनाइयों का अनुभव हो सकता है, जिसके मद्देनजर विमानन कंपनियों द्वारा सुधार अपेक्षित है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, कुशल और विश्वसनीय विमान यात्रा सेवा प्रदान की जा सके.
इनपुट- भाषा के साथ
