Sidhu Moosewala: सिद्धू मूसेवाला की गोलियों से छलनी कार परिवार को मिली, पिता ने मांगा पिस्टल का लाइसेंस

सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस उनके बेटे की थार कार को वापसी क्यों मांग ली. उन्होंने कहा, हम थार कार इसलिए घर लाये हैं, ताकी लोग देख पायें कि उनके बेटे को किस तरह से गोलियों से मारा गया. पुलिस ने जो थार कार सौंपी है, उसमें गोलियों के निशान साफ देखे जा सकते हैं.

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले की जांच अब भी जारी है. इधर मर्डर के 7 महीने के बाद मूसेवाला के परिवारवालों को गोलियों से छलनी थार कार और पिस्टल पुलिस ने सौंप दी है. हालांकि कोर्ट ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दिया है. यानी परिवार वाले इसका इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे.

पिता ने बताया, क्यों पुलिस से वापस मांगी थार कार

सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस उनके बेटे की थार कार को वापसी क्यों मांग ली. उन्होंने कहा, हम थार कार इसलिए घर लाये हैं, ताकी लोग देख पायें कि उनके बेटे को किस तरह से गोलियों से मारा गया. पुलिस ने जो थार कार सौंपी है, उसमें गोलियों के निशान साफ देखे जा सकते हैं.

पिता ने पिस्टल का लाइसेंस मांगा

सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने पुलिस द्वारा वापस की गयी पिस्टल का लाइसेंस मांगा है. उन्होंने कहा, पंजाब में हर दिन माहौल खराब होता जा रहा है. फिरौती और हत्याओं की घटना लगातार बढ़ती जा रही है. गैंगस्टर लोगों को परेशान कर रहे हैं. सरकार किसी-किसी को सुरक्षा दे रही है. इसलिए उन्होंने पिस्टल के लाइसेंस की मांग की. मूसेवाला के पिता ने कहा, सरकार लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए आसानी से असलहा का लाइसेंस दे.

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मूसेवाला हत्या मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के 13 अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ायी गयी

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले की जांच में शामिल 13 पुलिस अधिकारियों को कनाडा के एक गैंगस्टर से धमकियां मिलने के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. सभी 13 पुलिस अधिकारी दिल्ली पुलिस में तैनात हैं. उन्हें चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया करायी गयी है. दिल्ली में उनके आवास के बाहर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

साल 29 मई को पंजाब के मनसा में सिद्धू मूसेवाला की गोलीमार कर कर दी गयी थी हत्या

गौरतलब है कि सिद्धू मूसेवाला के नाम से मशहूर शुभदीप सिंह सिद्धू की इस साल 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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