जेडीएस का भाजपा में हो जाएगा विलय? कर्नाटक सीएम सिद्धरमैया ने कही ये बात

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि आने वाले दिनों में देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और वोटों का ध्रुवीकरण होगा, जिसमें एक तरफ सांप्रदायिक ताकतें और दूसरी तरफ धर्मनिरपेक्ष ताकतें होंगी.

बेंगलुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बुधवार को कहा कि अगर आने वाले दिनों में जनता दल (सेक्यूलर) का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय भी हो जाता है तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी. भाजपा के साथ गठबंधन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली पार्टी को सांप्रदायिक बताते हुए उन्होंने जेडीएस से उसके नाम से ‘सेक्यूलर’ (धर्मनिरपेक्ष) शब्द हटाने का आग्रह किया.

राजनीति और वोटों का होगा ध्रुवीकरण

मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि आने वाले दिनों में देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और वोटों का ध्रुवीकरण होगा, जिसमें एक तरफ सांप्रदायिक ताकतें और दूसरी तरफ धर्मनिरपेक्ष ताकतें होंगी. भाजपा कभी भी हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र बनाने की अपनी योजना को नहीं छोड़ेगी. देवेगौड़ा और परिवार उनसे जुड़ गया है.

जेडीएस राजनीति पार्टी नहीं

बेंगलुरु में कांग्रेस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जेडीएस कोई राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह देवेगौड़ा और परिवार की पार्टी है. उन्होंने कहा कि यह एक परिवार की पार्टी है. मुझे लगता है कि जब तक देवेगौड़ा रहेंगे, तब तक यह एक अलग राजनीतिक दल के रूप में रहेगा और राजनीतिक कारणों से विलय नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसका विलय हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इन दिनों भाजपा से ज्यादा जेडीएस नेता कुमारस्वामी कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं.

जेडीएस के दो विधायक कांग्रेस में शामिल

मुख्यमंत्री तुमकुरु ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व जेडीएस विधायक गौरी शंकर और दशरहल्ली के पूर्व विधायक आर मंजूनाथ को कांग्रेस में शामिल करने के बाद बोल रहे थे. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में जेडीएस से और भी लोग कांग्रेस में शामिल होंगे और यदि वह आज उनके नामों का खुलासा करते हैं, तो उन पर जेडीएस नेतृत्व दबाव डाल सकता है.

जेडीएस विधायकों को हासन के रिसॉर्ट में रखा गया

सिद्धरमैया ने कहा कि जेडीएस के विधायकों को हासन के एक रिसॉर्ट में रखा गया था और उन्हें कुछ चीजें करने के लिए मजबूर किया गया था. वे काला जादू भी कर सकते हैं. किसी को भी ऐसी चीजों से डरना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी उनसे ईर्ष्या करते हैं और इसलिए उनके बारे में झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि मैंने कर्नाटक के चमड़ा उद्योग विकास निगम लिमिटेड (एलआईडीकेएआर) से दो कुर्सियां लीं, जिसके लिए पैसा सरकार ने चुकाया.

Also Read: हाईवे पर ड्राइवर कैसे चलाते हैं स्कूल बस! कहीं आपके नौनिहाल खतरे में तो नहीं? जानें SC की गाइडलाइन्स

कुमारस्वामी बोलते हैं झूठ

उधर, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कोई इसे मेरे लिए दो करोड़ रुपये देकर लाया था. क्या दो कुर्सियों की कीमत दो करोड़ रुपये होगी? सिर्फ झूठ. कुमार स्वामी के आरोप पर सिद्धरमैया ने कहा कि कुमारस्वामी सौ में से 99.99999 फीसदी झूठ बोलते हैं. क्षेत्रीय पार्टी को सांप्रदायिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं जनता दल को ‘एस’ (सेक्यूलर) नहीं कहूंगा, क्योंकि भाजपा से हाथ मिलाने के बाद उन्हें ‘एस’ (सेक्यूलर शब्द) को हटाना होगा. वह अपनी पार्टी के नाम के साथ ‘एस’ लगाने के हकदार नहीं हैं, क्योंकि वे अब एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि नेताओं ने सांप्रदायिक जनता दल छोड़ दिया है और धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और मैं उनका स्वागत करता हूं.

Also Read: इसरो रोबोटिक्स चैलेंज 2024 : Rover में अब लगेगा टायर वाला चक्का, छात्र तैयार करेंगे डिजाइन

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >