कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने आवास पर ब्रेकफास्ट के दौरान हुई बैठक में मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया. आधिकारिक सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने यह खबर दी है. उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार डी. के. शिवकुमार के अलावा अन्य मंत्री इस बैठक में मौजूद थे. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक तस्वीर में सिद्धारमैया, शिवकुमार को गले लगाते नजर आ रहे हैं. वहीं दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शिवकुमार, सिद्धरमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं.
सीएमओ के सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान द्वारा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा. हालांकि, लोक भवन सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया ने अब तक राज्यपाल से मिलने के लिए समय नहीं मांगा है. सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल निजी कारणों से अपने गृह नगर इंदौर गए हुए हैं.
राहुल गांधी के कहने पर सिद्धारमैया ने छोड़ा पद?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सिद्धरमैया से कथित तौर पर नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा और उन्हें राज्यसभा सीट के साथ पार्टी में केंद्रीय भूमिका की पेशकश की. सूत्रों का यह भी कहना है कि चूंकि यह संदेश सीधे राहुल गांधी की ओर से आया है, इसलिए संभवत: सिद्धरमैया पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए. मुख्यमंत्री पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा तो वह पद छोड़ देंगे.
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दिल्ली में हुई अहम बैठक
सिद्धारमैया और शिवकुमार को मंगलवार (26 मई) को पार्टी ने दिल्ली बुलाया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल तथा रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ लगातार बैठकें हुईं.
