Shraddha Murder Case: पुलिस को आफताब के अच्छे व्यवहार पर शक, नार्को टेस्ट से सामने आयेगा सच

पुलिस को आरोपी आफताब के अच्छे व्यवहार पर शक है. ऐसा इसलिए क्योंकि उसने पुलिस की हर बात का पूरी तरह से पालन किया. उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस के साथ सहयोग किया. आसानी से पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए राजी भी हो गया.

दिल्ली पुलिस श्रद्धा वालकर की हत्या के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला का जल्द से जल्द नार्को टेस्ट कराना चाहती है. ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके दिमाग में कुछ नया चल रहा है या नहीं. जांचकर्ता ने बताया, आफताब बहुत चालाक है और कभी भी मामले में नया मोड़ ला सकता है.

पुलिस को आफताब के अच्छे व्यवहार पर शक

पुलिस को आरोपी आफताब के अच्छे व्यवहार पर शक है. ऐसा इसलिए क्योंकि उसने पुलिस की हर बात का पूरी तरह से पालन किया. उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस के साथ सहयोग किया. आसानी से पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए राजी भी हो गया. शुरुआत में आफताब मुंबई पुलिस को गुमराह कर रहा था, लेकिन जैसे ही मामला दिल्ली पुलिस के पास आया आरोपी आफताब ने अपना सारा गुनाह कबूल कर लिया. ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि यह उसकी साजिश का हिस्सा हो सकता है.

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1 दिसंबर को हो सकता है आफताब का नार्को टेस्ट

श्रद्घा मर्डर के आरोपी आफताब का नार्को टेस्ट 1 दिसंबर को हो सकता है. कोर्ट की ओर से नार्को टेस्ट के लिए दो डेट दिये गये हैं, जिसमें एक दिसंबर और दूसरा 5 दिसंबर शामिल है. दिल्ली पुलिस आफताब का नार्को टेस्ट इसलिए कराना चाहती है, ताकी का पूरा सच सामने आ सके. उसके दिमाग में चल रही हर बात पुलिस के सामने आ सके.

आफताब पर श्रद्धा की हत्या कर, शव के 35 टुकड़े करने का आरोप

गौरतलब है कि आफताब पूनावाला (28) पर अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वालकर की हत्या करने और उसके शव के 35 टुकड़े करने का आरोप है. आरोप है कि उसने शव के टुकड़ों को दक्षिण दिल्ली में महरौली के अपने घर में करीब तीन सप्ताह तक 300 लीटर के एक फ्रिज में रखा और फिर कई रातों तक उसे शहर के विभिन्न स्थानों पर फेंकता रहा. पुलिस ने पूनावाला को 12 नवंबर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया. पुलिस हिरासत को 17 नवंबर को पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया गया. अदालत ने 22 नवंबर को फिर से पूनावाला को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा और उसके बाद 26 नवंबर को उसे 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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